युवक की हत्या शव को फेंक दिया था सेप्टिक टैंक में, बाइक को छोड़कर गए थे साजा से 100 किलोमीटर दूर पाटन के गांव में, आरोपी गिरफ्तार

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बेमेतरा @ news-36. साजा पुलिस ने माटरा के गुमशुदा युवक की हत्या के प्रकरण को सुलझा लिया है। हत्या करने वाले चांद उर्फ छत्रपाल वर्मा और कुलेश्वर पटेल समेत तीन आरोपी को गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। तीसरा आरोपी जितेन्द्र हत्या में शामिल नहीं था, लेकिन उनके पास से मृतक का बाइक बरामद हुआ है। इस वजह से पुलिस ने जितेन्द्र पटेल के खिलाफ धारा 201 भादवि. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों के निशानदेही पर पुलिस ने जितेन्द्र पटेल के पास से मृतक योमेश वर्मा का मोटर सायकल को बरामद कर लिया है।
घटना 16 जून की
साजा थाना अंतर्गत ग्राम माटरा निवासी खम्हन वर्मा ने 16 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि रात10 बजे उसका बेटा योमेश वर्मा घर से कहीं चला गया हैं, जो आज दिनांक तक वापस नहीं आया है। पुलिस ने रिपोर्ट पर थाना साजा में गुंम इंसान कायम कर जांच में लिया गया था।
मुखबीर से खुला विवाद का राज

पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के बताया कि जांच के दौरान मुखबीर से पता चला कि, गुमशुदा योमेश वर्मा को अंतिम बार गांव के ही दो लड़के चांद उर्फ छत्रपाल वर्मा एवं कुलेश्वर पटेल के साथ मोटर सायकल में एक साथ जाते हुए देखा गया था। पुलिस ने संदिग्ध दोनों व्यक्तियों से गुमशुदा योमेश वर्मा के सम्बंध में कड़ाई से पूछताछ की। जिस पर चांद उर्फ छत्रपाल वर्मा एवं कुलेश्वर पटेल ने बताया कि हम दोनो योमेश वर्मा के यहां मजदूरी का काम करते थे। हम दोनो का मजदूरी का रकम क्रमश: 8000 रुपए एवं 10 हजार रुपए लेना था। जिसे मांगने पर योमेश वर्मा नहीं दे रहा था, पैसा मांगने पर तालमटोल करता था। इसी बात को लेकर गांव के ही व्यक्ति से उनका विवाद हुआ था। तब भी गुमशुदा योमेश वर्मा ने कुलेश्वर पटेल का विरोध किया गया था। इन्हीं बातों को लेकर दोनों आरोपी मृतक से रंजिश रखते थे।

हत्या कर सेप्टिक टंकी में छिपा था शव
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि दोनों ने 16 जून को योमेश वर्मा को जान से मारने का प्लान बनाया। चांद उर्फ छत्रपाल वर्मा ने रात्रि करीब 9 बजे योमेश वर्मा को फोन कर बुलाया। जैसे ही वह पहुंचा, कुलेश्वर पटेल ने बहला फु सलाकर अपने साथ ग्राम बारगांव के हाई स्कुल प्रांगण ले गया। जहां दोनों ने मिलकर सोमेश का गला दबाकर हत्या कर दिया। साक्ष्य छुपाने के लिए मृतक योमेश वर्मा के शव को हाई स्कुल के पीछे सेप्टिक टैंक में डाल दिया।
पाटन के गांव में छिपाया मोटरसाइकिल
मृतक योमेश वर्मा के मोटर सायकल को छिपाने के लिए दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम कसही पहुंचे। वहां जितेन्द्र पटेल के पास बाइक को छोड़ दिया। वहां से वह जितेन्द्र पटेल के मोटर सायकल में वापस घर लौट गए। आते समय,योमेश वर्मा के मोबाइल को शिवनाथ नदी में फेक दिया था।


प्रकरण को सुलझाया

पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने प्रकरण को सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल बैस के नेतृत्व में टीम गठित किया था। जिसमें साजा थाना प्रभारी हरप्रसाद पांडेय, सउनि अरविंद शर्मा, प्र.आर. मोहित चेलक को जांच पड़ताल की जिम्मेदारी दी। उन्होंने सउनि. छोटेलाल बंजारे, सउनि डीएल सोना, सउनि भानुप्रताप पटेल, सउनि अरविंद शर्मा, सायबर सेल प्र.आर. मोहित चेलक, आर. लोकेश सिंह, पंचराम घोरबंधे, विक्रम सिंह, रविंद्र तिवारी, जगन्नाथ साहू, चालक आर. ज्ञानेश्वर शुक्ला थाना साजा से आर. ऐमन बघेल, दीपक, कैलाश पाटिल, जयकिशन साहू के साथ पूरे गांव वालों से पूछताछ किया।

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