फर्जी नियुक्ति आदेश जारी करने वाले गिरोह सक्रिय, ज्वाॅइनिंग की मांग पर खुल गया फर्जीवाड़ा का राज

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रियाबंद @ news-36.बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर कमाई करने वाले जालसाज गिरोह फिर से सक्रिय हो गया है। गिरोह के बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे है,उन्हें अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र जारी कर रफू चक्कर हो जा रहे हैं। इसी तरह का एक मामला गरियाबंद जिले में सामने आया है।

ऐसे हुआ फर्जी नियुक्ति का मामला

दरअसल, गुरुवार को दो युवक नियुक्ति पत्र लेकर कलेक्ट्रेट स्थित आदिम जाति सहायक आयुक्त एलएन कुर्रे के चेंबर पहुंचे। नियुक्ति पत्र को दिखाते हुए ज्वाॅइनिंग देने कहा। सहायक आयुक्त एलएन कुर्रे भी नियुक्ति पत्र देखकर कुछ देर तक सन्न रह गए। कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि विभाग ने फिलहाल किसी भी प्रकार के भर्ती की प्रक्रिया नहीं चल रही है। इसके बाद आयुक्त ने दोनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने पूरी कहानी बयां कर दी।

अपराध पंजीबद्ध नहीं

युवकों ने पूछताछ में सहायक आयुक्त को बताया कि ये नियुक्ति पत्र उन्हें छूरा के कोसमी निवासी एक युवक ने दिया है। दोनों ने उस युवकों को मोटी रकम देने की बात भी कही। सहायक आयुक्त ने मामले की सूचना सिटी कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन लिखित में शिकायत नहीं होने की वजह से पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध नहीं किया है।

सहायक आयुक्त एलएन कुर्रे ने बताया कि नियुक्तिपत्र खरहरी निवासी गिरेवन्दर कुमार और कुडाली सिन्हा के नाम पर जारी हुआ है। दोनोंे एक ही गांव के रहने वाले हैं। युवकों ने जो नियुक्त पत्र जारी किया है। वह पूरी तरह से फर्जी है। गिरेवन्दर का नियुक्ति पत्र सहायक आयुक्त रायपुर द्वारा जारी होना दर्शाया गया है। इतना ही नहीं अभ्यार्थी की ज्वॉइनिंग गरियाबंद तहसील कार्यालय में वर्ग 3 के पद पर करने निर्देशित किया गया है। कुडाली सिन्हा का नियुक्ति पत्र गरियाबंद सहायक आयुक्त द्वारा जारी होना दर्शाया गया है। उन्हें बीआरसीसी कार्यालय में नियुक्ति देने निर्देशित किया गया है।

पहले भी आ चुका है इस तरह का मामला

बता दें कि इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने की वजह से जालसाज गिरोह बेरोजगार युवकों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं और सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर लेनदेन करते हैं। चार साल पहले भी बेमेतरा, राजनांदगांव और गरियाबंद जिले के शिक्षा विभाग में इसी तरह का मामला सामने आया था। फर्जी ट्रांसफर आदेश के आधार पर कई लोगों को ज्वाॅइनिंग दिलाई गई है। इसकी शिकायत भी हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आज भी यदि बेमेतरा जिले के साजा, नवागढ़, बेरला विकासंखड के शासकीय स्कूलों में सहायक शिक्षक (शिक्षाकर्मी वर्ग तीन) जैसे पदों पर ट्रांसफर आदेश के नाम पर नौकरी करने वालों की कुंडली खंगाल लिया जाए तो पूरा मामला सामने आ जाएगा।

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