Homeराजनीतिअग्निपथ योजना: सरकार ने सेना के साथ राजनीतिकरण किया-मुख्यमंत्री

अग्निपथ योजना: सरकार ने सेना के साथ राजनीतिकरण किया-मुख्यमंत्री

रायपुर.अग्निपथ योजना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार पर सेना के राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह एक तरह से सेना के साथ मजाक है।

केन्द्र सरकार, ये उन देशों के साथ तुलना करते हैं, जहां जनसंख्या कम है। कोई सेना में जाना नहीं चाहता। वहां सेना में अनिवार्य रूप से ड्यूटी करना पड़ता है। यहां जनसंख्या की भी कमी नहीं है और सेना में जाने के लिए भी लोग लालायित रहते हैं। यही कारण है कि भारत की जो सेना है उसकी पूरी दुनिया में एक धाक है।

विपरीत परिस्थितियों में यहां की सेना लड़ती है

उसका लोहा मानते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी यहां की सेना लड़ती है। अब उसका भी राजनीतिकरण कर रहे हैं। सरकार की नीति है और तीनों सेनाओं के चीफ से बचाव में बयान दिलवा रहे हैं। वहीं जिन लोगों ने परमवीर चक्र प्राप्त किया है, सेना के भूतपूर्व अधिकारी हैं वे लोग कह रहे हैं कि यह सेना के लिए घातक है। सेना के लिए घातक है तो समझ लें कि सीमा के लिए भी नुकसानदेह है।

रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देकर गिनाए नुकसान

मुख्यमंत्री ने रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का उदाहरण देकर भी 4 साल की सैनिक सेवा के नुकसान गिनाए। उन्होंने कहा, आज रूस की क्या स्थिति है। उनके पास अस्त्र-शस्त्र की कमी नहीं है, लेकिन उसके ठेके के जो सैनिक हैं वे उसे चला नहीं पा रहे हैं। इस कारण यूक्रेन जो एक प्रकार से निहत्था है, उस पर कब्जा भी नहीं कर पाए हैं। लड़ भी नहीं पा रहे हैं ठीक से। आपके पास हथियार होने से क्या होता है। चलाना भी तो आना चाहिए।

छह महीने की ट्रेनिंग को बताया अपर्याप्त

मुख्यमंत्री ने अग्निपथ योजना के तहत जवानों की छह महीने प्रशिक्षण अवधि को भी अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा, छह महीने की ट्रेनिंग आप कह रहे हैं। छह महीने तो मार्चपास्ट सीखने में लग जाएंगे। लेफ्ट-राइट में पैर कितना उठना चाहिए, क्या है। उसको सीखते-सीखते और यूनिफार्म पहनना सीखने में ही छह महीने हो जाएंगे। पुलिस के जवान का यूनिफार्म और सेना के यूनिफॉर्म में भी बहुत अंतर है। उसको पहनना सीखने में छह महीना बीत जाएगा।

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