HomeEntertainmentजोमैटो के लिए ऐड कर फंस गए बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन

जोमैटो के लिए ऐड कर फंस गए बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन

  • मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मामले को लिया संज्ञान
  • पुलिस को दिए जांच के आदेश
  • महाकालेश्वर मंदिर के प्रसाद से जुड़ा है मामला

एक भ्रामक विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan)की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ऋतिक रोशन ने हाल ही में जोमैटो ( Zomato)के लिए एक ऐड किया। जिसे लेकर मध्य प्रदेश में महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwer Tremple)के पुजारियों समेत हिन्दु धर्म के अनुयायियों ने एक्टर के खिलाफ उठाई है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गृह मंत्री ने उठाई आवाज

पुजारियों की मांग को मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संज्ञान में लिया है और पुलिस को एक्शन लेने को कहा है।उन्होंने पुलिस को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। मिश्रा ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा ऐड वीडियो मॉर्फ्ड लगता है।

जोमैटो ने मांगी माफी
प्रसिद्ध मंदिर के दो पुजारियों ने शनिवार को जोमैटो से हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दावा करते हुए ऐड को वापस लेने की मांग की थी। जोमैटो ने विवाद पर एक बयान जारी कर कहा कि वह ऐड वापस ले रहे हैं। कंपनी ने कहा, ‘हम अपनी ईमानदारी से माफी मांगते हैं, क्योंकि इसका इरादा कभी किसी की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।’

सोशल मीडिया पर मचा बवाल
ऐड में ऋतिक रोशन कहते हैं कि उन्हें उज्जैन में एक थाली खाने का मन कर रहा था, इसलिए उन्होंने इसे महाकाल से मंगवा लिया। मिश्रा ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर आ रहा ऐड वीडियो मॉर्फ्ड लगता है। मैंने उज्जैन के पुलिस अधीक्षक को वीडियो की वास्तविकता को देखने और मुझे रिपोर्ट करने के लिए कहा है ताकि कार्रवाई शुरू की जा सके।’ मंदिर के पुजारी महेश और आशीष ने कहा था कि जोमैटो को तुरंत ऐड वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।

ऐड हिंदु भावनाओं को आहत करता है
उन्होंने दावा किया कि भक्तों को एक थाली पर ‘प्रसाद’ परोसा जाता है और विज्ञापन हिंदुओं की भावनाओं को आहत करता है। पुजारियों ने कहा कि उन्होंने उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह से भी संपर्क किया, जो महाकाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ताकि कोई भी फिर से हिंदू धर्म का मजाक न उड़ाए।

प्रसाद के रूप में दिया जाता है खाना
कलेक्टर सिंह ने शनिवार को विज्ञापन को ‘भ्रामक’ करार देते हुए कहा कि मंदिर में मुफ्त भोजन ‘प्रसाद’ के रूप में दिया जाता है और इसे बेचा नहीं जाता है। भगवान शिव को समर्पित महाकालेश्वर या महाकाल मंदिर देश के 12 ‘ज्योतिर्लिंगों’ में से एक है और बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

error: Content is protected !!