Homeशिक्षामुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शुरू हो रहे स्कूलों को प्री-फेब्रिकेटेट...

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शुरू हो रहे स्कूलों को प्री-फेब्रिकेटेट स्ट्रक्चर से बनाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री निवास में मनाया गया प्रवेशोत्सव

रायपुर. छत्तीसगढ़ के स्कूलों समेत मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार को प्रवेशोत्सव मनाया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर मुंह मीठा कराया और पाठ्य सामग्री और बैग भी प्रदान किया।

वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान हमने पढ़ाई तुंहर दुआर प्लेटफार्म उपलब्ध कराया था, जिसका अच्छा उपयोग शिक्षकों, पालकों और विद्यार्थियों ने किया। उन्होंने उम्मीद जताई की नवाचार और नई प्रौद्योगिकी को अपनाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। शिक्षा को रूचिकर बनाने के प्रयासों का स्वागत है।

Chhattisgarh
बच्ची का मुंह मीठा कराते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

171 आत्मानंद स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की अधोसंरचना और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित किए जा रहे हैं।इसके अंतर्गत प्रदेश में 171 अंग्रेजी माध्यम और 32 हिन्दी माध्यम स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। जिन स्थानों से मांग आ रही है, उन स्थानों पर इस योजना का लाभ देने की व्यवस्था की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारा प्रयास है कि शासकीय स्कूलों की उत्कृष्टता का स्तर किसी भी निजी स्कूल से कम न हो, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल हो। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ और शाला प्रवेश उत्सव को सार्थक बनाते हुए नयी ऊर्जा और संकल्प के साथ शिक्षादान के कार्य में पूरे समर्पण के साथ जुट जाएं। सब मिलकर शिक्षित छत्तीसगढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाएं।

chhattisgarh
मुख्यमंत्री निवास में मनाया गया प्रवेश उत्सव

समय-समय पर बच्चों के ज्ञान का होगा आंकलन

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सभी बच्चों, शिक्षकों एवं पालकों को नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नए शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही हम मिशन मोड में हैं। हम बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ मूलभूत सुविधा को दुरूस्त करने कृत संकल्पित हैं। शिक्षा सत्र के प्रारंभ में भी हमने लक्ष्य तय किया है कि सभी बच्चों को भाषाई ज्ञान, अंक ज्ञान के साथ-साथ पढ़ना-लिखना और बोलना आ जाए। समय-समय अपने स्तर पर उनके ज्ञान का आंकलन भी करेंगे।

यह भी पढ़ें:

कुटुम्ब न्यायालय और स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों पर बंपर भर्ती

स्वामी आत्मानंद ईंग्लिश मीडियम उत्कृष्ट स्कूलों में बंपर भर्ती

बच्चों के साथ पालकों में जबरदस्त उत्साह

बीजापुर से कार्यक्रम में जुड़े प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि 15 वर्षों से बंद स्कूल खुलने से वहां के बच्चों में उत्साह और पालकों के चेहरे पर खुशी है। उन्होंने बंद पड़े स्कूलों को पुनः खोलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधि शिक्षा के इस काम को और भी आगे बढ़ाने का काम करेंगे। कार्यक्रम में दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि नए शिक्षा सत्र को लेकर पालकों में काफी जागरूकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई का जो नुकसान हुआ है उसे इस सत्र में पूरा करेंगे। कार्यक्रम को विधायक विक्रम मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुकमा हरीश कवासी लखमा और दंतेवाड़ा तुलिका कर्मा ने भी सम्बोधित किया।

कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री भी हुए शामिल

कार्यक्रम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, रश्मि सिंह, विधायक रामकुमार यादव और अध्यक्ष मछुआ बोर्ड एम.आर. निषाद, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव राजेश सिंह राणा, संचालक लोक शिक्षण सुनील जैन, प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा नरेन्द्र दुग्गा, अपर संचालक एससीईआरटी डॉ. योगेश शिवहरे, जिला शिक्षा अधिकारी  ए.एन. बंजारा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, संबंधित स्कूल के शिक्षक और नवप्रवेशी बच्चे उपस्थित थे।

यह भी पढ़ें:नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बंद 260 स्कूलों में आज से फिर बजेगी घंटी

​​​​​​​रेस्क्यू ऑपरेशन:राहुल को सुरंग से इस बच्चे ने निकाला बाहर

‘अग्निपथ’ के विरोध में जमकर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन में किया जमकर तोड़फोड़

RELATED ARTICLES

Most Popular

error: Content is protected !!