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सीएम ने की बड़ी घोषणा: सात विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बगीचा में भेंट-मुलाकात के दौरान की घोषणा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बगीचा में भेंट मुलाकात के दौरान बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं को नियमित शासकीय नौकरी देने की घोषणा की। दरअसल मुख्यमंत्री ने जशपुर जिला के बगीचा में भेंट-मुलाकात के दौरान पहाड़ी कोरवा समुदाय से संबंध रखने वाली युवती संजू पहाड़िया द्वारा नियमित सरकारी नौकरी की मांग की। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बगीचा पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों से चर्चा के दौरान युवती संजू पहाड़िया ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए नियमित सरकारी नौकरी की मांग की। जिस पर संजू ने बताया कि उसने जूलॉजी में एमएससी और पीजीडीसीए की पढ़ाई की है, लेकिन नियमित शासकीय नौकरी नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि, 27 अगस्त 2019 को छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक हुई थी। उक्त बैठक में विशेष पिछड़ी जनजाति के पात्र युवाओं का सर्वे करवाकर उनकी पात्रता अनुसार नियुक्ति की कार्यवाही करने का निर्णय हुआ था।

निर्णय के अनुपालन में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में सर्वे करवाकर विशेष पिछड़ी जनजाति की जिलेवार सूची तैयार की गई। सूची के अनुसार विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित पात्र युवाओं का आंकड़ा 9623 है। इन सभी 9623 शिक्षित युवाओं को जल्द ही योग्यता अनुसार शासकीय विभागों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पर सालाना वार्षिक व्यय लगभग 346.43 करोड़ रुपये अनुमानित है।

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छग में सात विशेष पिछड़ी जाति

बता दें कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति है। इनमें से केन्द्र सरकार द्वारा अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा एवं कमार समेत पांच जनजाति समूह को विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा दिया गया है। राज्य शासन की ओर से पंडो एवं भुंजिया जनजाति समूह को विशेष पिछड़ी जनजाति के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस प्रकार से प्रदेश में कुल सात जनजाति समूहों को विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा दिया गया है।

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