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निगम चुनाव-2021: टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल एक – दूसरे दल के प्रत्याशियों की सूची का कर रहे हैं इंतजार

छत्तीसगढ़ के हाई प्रोफाइल दुर्ग जिले के चार नगरीय निकायों मे हो रहे चुनाव को लेकर सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राष्ट्रीय दलों में टिकट वितरण को लेकर एक दूसरे दल के प्रत्याशियों की ओर से टिकट वितरण की बाट जोह रहे हैं। इसी कशमकश में दोनों ही दल अंतिम समय में अपने प्रत्याशियों का अब तक नाम घोषित नहीं कर रहे हैं।

दोनों राष्ट्रीय दलों के पदाधिकारियों की ओर से नगर पालिक निगम भिलाई के 70 वार्डो के दोवेदारों की लिस्ट तैयार कर लिया है, लेकिन इस वजह से घोषणा नहीं कर रहे है कि कहीं उनका प्रत्याशी जातिगत और युवा समीकरण के हिसाब से कमजोर न पड़ जाए।

इसलिए सूचीबद्ध प्रत्याशियों के बारे में फीडबैक लिया जा रहा है कि फलांना इस वार्ड से जीत पाएगा या नहीं है, उनको टिकट देने से कितने लोग निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं। इस तरह के कई सवालों के साथ राजनीतिक दलों के पर्यवेक्षक और चुनाव प्रभारी सियासी गलियारे में पकड़ रखने वालों से फीडबैक जुटा रहे हैं। यही वजह है कि दोनों ही दलों ने पूरी ताकत झोंकने के बावजूद अब तक नगर पालिक निगम भिलाई, रिसाली और चरौदा नगर निगम के जिताऊ प्रत्याशियों के नाम तय नहीं कर पाए हैं।

दावेदारों की बेचैनी बढ़ी 

इससे पार्षद पद के दावेदारों की बेचैनी बढ़ गई है। कुछ लोगों ने नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं। उम्मीदवार एक फार्म राष्ट्रीय दल के नाम से तो एक फार्म निर्दलीय के रूप में जमा करा रहे हैं। कुछ लोगों ने नामांकन दाखिल करने के साथ अपना जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है।

इधर पूर्व पार्षदों ने अपनी गाेटियां बिठाने में जुटे

इधर परिसीमन में अपनी जमीन गवां चुके पूर्व पार्षद अपनी-अपनी गोटियां बैठाने की जुगत में लगे हुए हैं। ताकि टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ सके। भिलाई निगम में इस तरह की स्थिति दो से तीन बार पार्षद निर्वाचित हो चुके दावेदारों के साथ बनी है। इनमें से कुछ लोगों को जमीन भी मिल गई है और चुनाव लड़ने के लायक जनाधार भी बना लिया है।

वेट एंड वॉच से पार्टी को हो सकता है बड़ा नुकसान

  • प्रत्याशियों के नाम की घोषणा में विलंब होने पर पार्टी को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। टिकट मिलने की उम्मीद में दावेदार नामांकन दाखिल कर रहे हैं। टिकट नहीं मिलने पर बाद में उन्हें मनाने की नौबत आएगी।
  • नामांकन की प्रक्रिया इस बार पहले की तुलना में थोड़ा जटिल है। ऑनलाइन नामांकन दाखिल के दौरान सर्वर की समस्या आ रही है। ऐसे में आखिरी के दो दिन में नामांकन को लेकर हाचपाच की स्थिति बनेगी।
  • कई बैंक जीरो बैंक एकाउंट खोलने में इंटरेस्ट नहीं ले रहे हैं। जिन बैंकों में खाता खुला रहा है उसकी पासबुक मिलने तक की प्रक्रिया में दो दिन का समय लग रहा है।
  • टिकट वितरण में कोई भी चूक होने पर चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ता ओर से निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतरने सकते है।  इसे पार्टी का चुनावी समीकरण बिगड़ने की भी आशंका बनी हुई है।

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