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विकास कार्यों के अंतिम भुगतान के लिए पार्षद का संतुष्टि प्रमाण – पत्र अनिवार्य

  • एमआईसी की बैठक में लिया गया निर्णय
  • शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नए सिरे से टेण्डर

रिसाली.ठेकेदारो पर नियंत्रण रखने के लिए रिसाली नगर पालिक निगम ने नई व्यवस्था लागू की है। बिल भुगतान से पहले ठेकेदार को संबंधित वार्ड के पार्षद से संतुष्टि प्रमाण लेना होगा। यह निर्णय महापौर शशि सिन्हा की अध्यक्षता वाली महापौर परिषद ने लिया।
संतुष्टि प्रमाण पत्र अनिवार्य को महापौर परिषद के सद्स्यों ने एक स्वर में पारित किया। परिषद के सद्स्यों का कहना था कि कई पार्षद को कार्य आरंभ होने और खत्म होने की जानकारी नहीं मिल पाती। कई बार शंका समाधान करने कार्यालय पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिलती है कि संबंधित ठेकेदार का कार्य पूर्ण होने के पश्चात निगम द्वारा अंतिम बिल भुगतान भी कर दिया गया है। ऐसी ही स्थिति से निपटने के लिए परिषद के सद्स्यों ने निर्णय लिया है कि संतुिष्ट प्रमाण पत्र फाइल में संलग्न होने के बाद संबंधित ठेकेदार को निगम अंतिम बिल भुगतान करेगा। महापौर परिषद की बैठक में सभापति केशव बंछोर, परिषद के सद्स्य चन्द्रभान ठाकुर, गोविन्द चतुर्वेदी, अनूप डे, विलास राव बोरकर, सोनिया देवांगन, सनीर साहू, परमेश्वर कुमार, ईश्वरी साहू समेत निगम आयुक्त आशीष देवांगन, कार्यपालन अभियंता एस. के. बाबर व विभाग प्रमुख उपस्थित थे।

3 घंटे से भी अधिक समय तक चली बैठक
महापौर कक्ष में परिषद की बैठक दोपहर एक बजे शुरू हुई। एजेण्डा में 20 से अधिक बिन्दुओं पर चर्चा हुई। तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में कुछ विकास कार्यो का स्थल परिवर्तन भी किया गया।

नए सिरे से होगा टेण्डर
रिसाली निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के लिए नए सिरे से टेण्डर जारी किया जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि रिसाली को चार भागों में बांट कर निविदा आमंत्रित की गई थी। निर्धारित मापदण्डों का पालन नहीं करने पर निविदा को निरस्त कर दिया गया। परिषद के सद्स्यों ने नए सिरे से टेण्डर जारी करने और वर्तमान समय में सफाई व्यवस्था पुराने एजेंसी से कराने का निर्णय लिया।

निगम की आमदनी बढ़ाने लगाया जाएगा यूनिपोल
महापौर परिषद ने निर्णय लिया कि निगम क्षेत्र को सुंदर और स्वच्छ बनाना है। इसके लिए विस्तृत प्लान की आवश्यकता है। प्रस्तावित चौपाटी से लेकर विज्ञापन बोर्ड के बारे में चर्चा की गई। परिषद के सद्स्यों ने कहा कि अवैध होर्डिंग्स को शीघ्र हटाया जाए और उसके स्थान पर यूनिपोल लगाया जाए। इससे निगम की आमदानी भी बढ़गी।

जल्द जारी होगा नियुक्ति पत्र
महापौर परिषद ने शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की चयन सूची पर मुहर लगा दी है। सूची में निगम क्षेत्र के दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 3 सहायिका का नाम है, जिन्हे नियुक्ति दी जानी है। कोविड व निगम चुनाव की वजह से मामला अधर में अटका हुआ था।

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