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हाथ धोने में कहीं आप भी जल्दबाजी तो नहीं करते,पढ़िए क्या कहते हैं डॉक्टर

  • चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला
  • माइक्रो बायोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने बताए हाथ धोने के तरीके
  • इन्फेक्शन प्रिवेंशन सप्ताह के अंतर्गत रोगों से बचाव के बारे में दी गई जानकारी

दुर्ग .इन्फेक्शन प्रिवेंशन सप्ताह के अंतर्गत चंदूलाल चंद्राकर स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कचांदुर दुर्ग में संक्रामक रोगों ( संक्रमण या इन्फेक्शन ) से बचाव विषय पर संगोष्ठी हुई। जहां डॉ. उमेश खुराना ने वैक्सीन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉक्टर, नर्सेस व सफाई कर्मचारियों और नागरिकों को कोविड -19, हिपेटाइटिस बी और इन्फेलुजा जैसे संक्रामक बीमारियों के रोकथाम में वैक्सीनेशन काफी महत्वपूर्ण है। समय पर वैक्सीन लगाकर संक्रमणो से बचाया जा सकता है।

 

कम से कम 20 सेकंड तक धोएं हाथ

डॉ. ऋचा तिग्गा ने बताया कि संक्रामक रोगों से बचाव के लिए  कम से कम 20 सेकेण्ड तक हाथ धोना चाहिए। हाथ धोने के लिए साबुन, अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर या हैंडवाश का उपयोग किया जा सकता है और ऐसा कर व्यक्ति संक्रमण से बच सकता है। कई प्रकार के बीमारियों के शिकार होने से बच सकता है।डॉ तिग्गा ने कहा कि कोविड-19 की महामारी के बाद जन सामान्य भी शारीरिक व आसपास के वातावरण की साफ़-सफाई का महत्व भाली भांति समझने लगा है। बचाव के लिए मास्क, सैनिटाइजर व ग्लव्स का प्रयोग किया है।

Chhattisgarh
चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला

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खांसते या छींकते समय रखें विशेष ध्यान

डॉ.रश्मिका दवे ने संक्रमण के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खाँसते और छिंकते समय हमेशा सावधान रहने की जरूरत है। जब भी किसी को खांसे या छींक आए, नाक और मुंह के सामने कपड़े रखना लेना चाहिए या फिर मास्क पहन लेना चाहिए। जिससे हम आसपास खड़े व्यक्ति को संक्रमित होने से बचा सकते हैं। खासकर कोविड, इन्फेलुजा व श्वसन तंत्र से संबंधित रोगों में सावधानी बहुत जरूरी है।

 

डस्टबिन में ही डालें मेडिकल वेस्ट

डॉ. पी. अनुषा ने कहा कि मेडिकल वेस्ट से भी संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इसलिए मेडिकल वेस्ट जैसे सीरिंज,निडिल, ग्लग्ब्स, कॉटन, बैंडेज समेत अन्य संक्रमित वस्तुओं को निर्धारित लाल, नीले, पीले, सफ़ेद और काले डब्बो में ही डालना चाहिए। ताकि उसका उचित तरीके से निष्पादन किया जा सके।

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