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ED दफ्तर का घेराव,वक्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला

रायपुर. कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रवर्तन निदेशालय नई दिल्ली में पेशी को लेकर गुरुवार को रायपुर में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने राजधानी स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय का घेराव किया। केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में कांग्रेस के नेता सुबह 11 बजे से ही रायपुर के पुजारी पार्क स्थित प्रवर्तन निदेशालय के सामने पहुंच गए थे। बरसात की स्थिति को देखते हुए पार्टी ने यहां वॉटरप्रूफ पंडाल लगवाया था। प्रदेश के दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के यहां पहुंचने से भीड़ पंडाल की क्षमता से बाहर हो गई। इस भीड़ में ब्लाक अध्यक्ष, ब्लाक पदाधिकारी, वार्ड पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, पार्षद, पंचायत पदाधिकारी, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत, नगर पालिका के पंचायतों के निर्वाचित पदाधिकारी भी शामिल थे। विधानसभा का प्रश्नकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस विधायक भी एक-एक कर यहां पहुंचने लगे। उसके बाद मंच भर गया। दोपहर बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और दूसरे मंत्री भी मंच पर पहुंच गए। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों से कहा, केंद्र सरकार के तीन साल पूरे हो गए। दो साल और बचे हैं। यह सरकार बदलेगी। तब तुम लोग आंख में आंख मिलाकर क्या जवाब दे पाओगे? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, हम यहां ED के सामने क्यों आए हैं। इनकी आंख खोलने के लिए। तुम अपनी आंख-कान खोलकर देख लो। इनकी जिम्मेदारी मनी लांड्रिंग पर कार्रवाई की है, लेकिन ये लोग सावन के अंधे हैं, जिनको हरा ही हरा नजर आ रहा है।

यही प्रवर्तन निदेशालय 2015 में सोनिया गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड का मामला बंद कर चुकी थी। कहा गया कि इसमें कोई मनी लांड्रिंग नहीं हुआ तो हम जांच कैसे करेंगे ? कानून बना है कि FIR दर्ज होगा तभी प्रवर्तन निदेशालय जाएगी। अब  प्रवर्तन निदेशालय बताए कि सोनिया जी और राहुल जी के खिलाफ देश के किस थाने में FIR दर्ज हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा, अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है। प्रवर्तन निदेशालय वालों ने अपनी मां का दूध पीया है तो सोनिया गांधी से हो रही पूछताछ में कैमरा लगा दें। उसको टीवी पर लाइव दिखाए। पूरा देश यह जानना चाहता है कि वहां क्या हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, 35 साल तुम लोगों को नौकरी करनी है। पांच साल इनकी सरकार हो गई। दूसरे कार्यकाल में तीन साल गुजर गए। दो साल और रहना है। केंद्र सरकार बदलेगी। तब तुम लोग आंख में आंख मिलाकर क्या जवाब दे पाओगे। यह बात सोच लो। तुम्हारे घर में भी बच्चे हैं। वे भी पढ़े लिखे हैं। अपने बीवी-बच्चों से कैसे आंख मिला पाओगे।

नेशनल हेराल्ड केस को सीएम ने बताया फर्जी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, स्वतंत्रता संग्राम के समय पंडित जवाहरलाल नेहरु सहित कांग्रेस के नेताओं ने नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन शुरू किया था। बदली परिस्थितियों में वह अखबार घाटे में जाने लगा। उसको बचाने के लिए, कर्मचारियों को वेतन, संस्थान का बिजली बिल और करों आदि के भुगतान के लिए कांग्रेस पार्टी ने अखबार को 90 करोड़ रुपए दिए। यह रकम 10 सालाें के दौरान 9 किस्तों में दी गई थी। हमारा ही अखबार, हम ही पैसा दे रहे हैं और ये सरकार कह रही है कि मनी लांड्रिंग हो गई। बाप अगर अपने बेटे को पैसा दे तो क्या वह अपराध हो गया।

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