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राहुल को सुरक्षित निकालने में सभी ने लगन और समर्पण भाव से काम किया, वह प्रशंसनीय- मुख्यमंत्री बघेल

राज्योत्सव में होगा राहुल और रेस्क्यू टीम का पुन: किया जाएगा सम्मान

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार को जांजगिर पिहरीद गांव के बोरवेल के गड़ढे में फंसे राहुल साहू को रेस्क्यू ऑपरेशन में उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाले जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और पुलिस के जवानों सहित इस आपरेशन में सहयोग देने वाले लोगों को किया सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने टीम के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि,बोरवेल में फंसे बच्चे को निकालने के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन पर डाक्यूमेंटरी फिल्म बननी चाहिए। रेस्क्यू टीम के इस अनुभव को प्रदेश और देश के लोग समझ सकें। यह फिल्म भविष्य में ऐसी होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए भी सीख बनेगी।

प्रदेश और देश की जनता के प्रति कृतज्ञ हूं- मुख्यमंत्री

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सेना के जवानों काे सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल

राज्य शासन उठाएगी राहुल साहू की पढ़ाई-लिखाई एवं चिकित्सा का खर्च
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल की पढ़ाई, लिखाई एवं उसके चिकित्सा का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। मैं पूरी रेस्क्यू टीम और प्रदेश और देश की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने राहुल के शीघ्र रेस्क्यू के लिए दुआ की। आप सभी की सूझबूझ, मेहनत, लगन और हौसलों ने काम किया। सभी का लक्ष्य एक ही था, राहुल को बचाना और वह पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन दुरूह था, संकट आए, संघर्ष आए, लेकिन हिम्मत बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम की डॉक्यूमेंट्री बननी चाहिए ताकि लोग इसे देखें, समझें जिससे भविष्य में इस तरह की घटना को टाला जा सके। आप सभी का सम्मान कर मन नहीं भरा है, आप लोगों को और सम्मानित करने का मन करता है। बच्चे राहुल साहू को बोरवेल से निकालने वाले बालक अजरूल और पूरी टीम को राज्योत्सव में आमंत्रित किया जाएगा और वहां पर आप सभी का सम्मान होगा।

ऑपरेशन दुरूह था, संकट आए, संघर्ष आए, लेकिन हिम्मत बनी रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी आप सभी डटे रहे, कड़ी धूप में, खुले मैदान में लगातार संघर्ष करते रहे। ईश्वर ने राहुल में कुछ कमी कर दी है, लेकिन दूसरी ओर कुछ खासियत भी दी है। राहुल की हिम्मत और संतोष ने बहुत बड़ा काम किया है। राहुल की पढ़ाई लिखाई और इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। स्पीच थेरेपी, श्रवण यंत्र लगवाने की जरूरत होगी तो उसका खर्चा भी राज्य सरकार उठायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू टीम के सामने चुनौती बहुत बड़ी थी पर हिम्मत और जोश में कोई कमी नही थी। जहां आवश्यकता थी वो सारे लोग उपस्थित रहे ,मशीनरी उपलब्ध होती गयी। उन्होंने कहा कि जैसे ही सूचना मिली सारी टीम, जो भी एक्सपर्ट थे सभी को सूचना दी गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में 5 दिन तक लगातार 24 घण्टे काम करते हुए आप थके नहीं। रेस्क्यू टीम के लोगों ने जिस लगन और समर्पण भाव से काम किया है, निश्चित रूप से जितनी प्रशंसा की जाए कम है। संकट कभी बता कर नहीं आता, और भी रेस्क्यू हुए हैं परंतु यह 104 घण्टे का सबसे लंबा ऑपरेशन हुआ।

गांव वालों ने आगे बढ़कर किया सहयोग- कलेक्टर

जांजगीर-चांपा के कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने पूरे रेस्क्यू अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि राहुल को सकुशल निकालना है। राहुल को हर हाल में बाहर निकलना है, रेस्क्यू ऑपरेशन में जिन संसाधनों की जरूरत होगी वो उपलब्ध कराए जाएंगे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला। सेना की टीम भी मौके पर पहुंची। बचाव दल के रास्ते में अनेक कठिनाइयां आई, सुरंग के रास्ते में चट्टान आई। बोरवेल के अंदर जहरीला सांप भी था। मुख्यमंत्री लगातार बचाव कार्य का अपडेट लेते रहे। बचाव कार्य के दौरान आसपास के गांव वालों ने आगे बढ़कर दल का सहयोग किया।

अभियान ने साबित कर दिखाया कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया-आईजी

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एसपी विजय अग्रवाल एवं जांजगिर पुलिस काे सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री

बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी ने कहा कि इस अभियान ने साबित कर दिखाया कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, हम लगातार एक-दूसरे से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने राहुल की दादी से वादा किया था कि हम तुम्हारे नाती को वापस लायेंगे, इसी वादे से हमें भी हिम्मत मिली। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां चुनौती भरी रहीं, लेकिन मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से देश का सबसे बड़ा ऑपरेशन सफल हुआ। जांजगीर-चांपा के एसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग और मार्गदर्शन और राहुल की हिम्मत से यह ऑपरेशन सफल हुआ। मुख्यमंत्री रेस्क्यू टीम को लगातार हौसला दे रहे थे। रेस्क्यू टीम को सहयोग देने के लिए बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा से टीम आई। बचाव के कार्य में प्राइवेट फिल्ड के लोगों ने बहुत मदद की।

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NDRF & SDRF के जवानों काे सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल

सकारात्मक और सच्ची ख़बरें पहुंचाई-जनसम्पर्क संचालक

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जनसंपर्क संचालक सौमिल रंजन चौबे को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल

जनसम्पर्क संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि जनसम्पर्क की टीम ने बिना सोये लगातार काम किया, जनसंपर्क संचालनालय में भी हमारी टीम रातभर जागती रही। आपके मार्गदर्शन में हम लगातार सही और तथ्यपूर्ण जानकारी मीडिया को पहुंचाते रहे। इस अभियान ने पूरे छत्तीसगढ़ को एक सूत्र में पिरो दिया। भावनात्मक रूप से सबको जोड़ दिया।

उन्होंने बताया कि हमारे विभाग के सहायक जनसम्पर्क अधिकारी कमलज्योति जाहिरे और उनकी टीम ने 72 घंटे बिना थके और बिना सोये काम किया। सीएमओे ट्वीटर हैंडल से 100 से भी अधिक ट्विट किये गए जो किसी भी न्यूज चैनल की ब्रेकिंग से ज्यादा है। हमने इस अभियान में लगातार न्यूज चैनलों को सकारात्मक और सच्ची ख़बरें पहुंचाई। 104 घंटे के इस अभियान ने छत्तीसगढ़ को एक धागे में पिरोया। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ऑपरेशन सफल हुआ।

कार्यक्रम में रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी टेक्नीकल टीम, लाईट, टेंट, जनरेटर, वेल्डिंग मशीन, गैस कटर, मशीनरी लेबर प्रोवाईडर, बोरवेल कैमरा सेटअप संचालक, ड्रीलिंग, पोकलेन चलाने वाले, एसईसीएल की रेस्क्यू टीम और फूड प्रोवाईडर्स को भी सम्मानित किया गया।

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रेस्क्यू टीम को सदस्यों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री

इस मौके पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, विधायक रामकुमार यादव, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सेना के ब्रिगेडियर विगनेश मोहंती, आयुक्त जनसंपर्क दीपांशु काबरा भी उपस्थित रहे।

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