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सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए रबी फसलों के प्रमाणित बीजों की कीमत को किया रिवाइज

  • किसानों को गेंहू चना के प्रमाणित बीज के लिए जेबें करनी पड़ेंगी ढीली
  • दलहन को बढ़ावा देने तिवड़ा और मटर कीमत को किया है कम
  • सरसों की कीमत को रखा यथावत

भिलाई.सरकार ने मंहगाई और आमदनी को ध्यान में रखते हुए रबी सीजन में बोये जाने वाले दलहन और तिलहन फसलों के प्रमाणित बीजों की कीमतें तय की है। कुछ दलहनी फसलों की कीमत में वृद्धि की है,तो कुछ फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रमाणित बीज की कीमत को कम किया है।

सरकार ने दलहन और तिलहन फसलों की वैरायटी के अनुसार प्रमाणित बीजों की कीमतें तय की है। मटर और तिवड़ा की कीमत को कम किया गया है। सरसों की कीमत को यथावत रखा है। गेंहू, चना, मसूर और कुसुम के बीज की कीमत में 200 से 500 रुपए तक वृद्धि की है।

चना में 300 रुपए की बढ़ोतरी
इस साल चना के प्रमाणित बीज की कीमत में 300 रुपए तक बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले साल चना के बीज की कीमत 7200 रुपए क्विंटल थी। इस साल 7500 रुपए क्विंटल की दर पर किसानों को मिलेगा। इसी प्रकार मसूर के बीज कीमत में 500 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। अब मसूर 8 हजार रुपए प्रति क्विटल की दर पर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। अलसी 6 हजार रुपए प्रति क्विवंटल की दर पर मिलेगा। पिछले साल इसकी कीमत 5800 रुपए था। कीमत में 200 रुपए की वृद्धि हुई है।

 

गेंहू में 300 रुपए तक बढ़ोत्तरी

इस साल ऊंची किस्म के गेंहू की प्रमाणित बीज की कीमत 3475 रुपए प्रति क्विंवटल की दर पर मिलेगा। पिछले साल रबी सीजन में ऊंची किस्म के गेंहू को 3170 रुपए प्रति क्विवंटल की दर से सहकारी समितियों से किसानों को उपलब्ध कराया गया था। इस साल किसानों को सहकारी समितियों से गेंहू की प्रमाणित बीज खरीदने पर 255 रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। वहीं बौनी किस्म के गेहूं के बीज खरीदने पर 300 रुपए अतिरिक्त देना पड़ेगा। बौनी किस्म के गेंहू की कीमत 3100 रुपए में वृद्धि कर 3400 रुपए प्रति क्विवंटल तय किया गया है। कुसुम के बीज की कीमत में 500 रुपए वृद्धि हुई है। अब कुसुम 6500 रुपए प्रति क्विटल की दर से किसानों को मिलेगा।

मटर की कीमत में 1300 रुपए की कटौती

इस साल किसानों को उन्नत किस्म के महा तिवड़ा और प्रतीक की वैरायटी 500रुपए कम में मिलेगा।  पिछले वर्ष तिवड़ा के बीज की कीमत 5500 रुपए प्रति क्विंटल थी। इस साल कीमत में 500 रुपए कम किया गया है। इसी प्रकार मटर की कीमत में 1300 रुपए कम किया है। पिछले साल मटर की कीमत 9600 रुपए प्रति क्विटल थी। इस साल 8300 रुपए में मिलेगा।

 

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सरसों की कीमत यथावत
सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए तिलहन फसलों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। सरसों की कीमत को यथावत रखा गया है। सभी वैरायटी के सरसों 7 हजार रुपए की दर पर मिलेगा।वहीं अलसी 6000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।

 

प्रमाणित बीज      वर्ष2022     वर्ष 2023         मांग      बीज निगम में उपलब्धता

कीमत रुपए में     कीमत रुपए में    क्विटल में    क्विटल में

गेंहू ऊंची वैरायटी        3170         3475         7000      3628.21
गेंहू बौना                 3100         3400         उपरोक्त
चना                      7200         7500          4000      61.37
मटर                      9600         8300

मसूर                     7500           8000
तिवड़ा                    5500           5000           100       46.10
सरसों                     7000           7000           100       42.33
अलसी                    5800           6000            2          7.25
कुसुम                     6000           6500            13         36.65

मूंग                      …….            ……             10         61.37

उड़द                   ……….         …….              10        0.0

मूंगफली                                    8200            …..       ……

 

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प्रक्रिया केन्द्र में बीज का भंडारण
बीज प्रक्रिया केन्द्र रुआबांधा में मांग के अनुरूप बीज का भंडारण की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। पिछले वर्ष विभिन्न रबी फसलों के 10615 क्विटल बीजों का वितरण किया गया था। इस वर्ष कृषि उप संचालक, कार्यालय, दुर्ग से 11235 क्विंटल बीजों की मांग आई है। इसमें बीज प्रक्रिया केन्द्र रुआबांधा में 5711 क्विंटल बीज उपलब्ध है। शेष बीजों को राज्य और राज्य के बाहर अन्य प्रदेशों से आपूर्ति किया जाएगा और मांग के अनुसार समितियों को उपलब्ध करवाया जाएगा।

एस के बेहरा, प्रबंधक, बीज प्रक्रिया केन्द्र, रुआबांधा भिलाई

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