Homeनिकायबॉयोफ्लॉक तकनीक से गौठानों में होगी फिश फार्मिंग

बॉयोफ्लॉक तकनीक से गौठानों में होगी फिश फार्मिंग

दुर्ग. कलेक्टोरेट के सभागार में मंगलावार को हुई टी.एल. मीटिंग में कलेक्टर पुष्पेन्द्र मीणा ने अधिकारियों को सभी गौठानों में कम से कम 06 अजीविका मूलक गतिविधियों को संचालित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर का स्पष्ट मत है कि नई टेक्नॉलाजी को गौठानों के साथ जोड़कर समूह एवं अन्य सदस्यों को आर्थिक स्तर पर मजबूत बनाना है। इसी कड़ी में उन्होंने जिन गौठानों में तालाब नहीं हैं, उन गौठानों में बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली उत्पादन करने की सलाह दी है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि बॉयोफ्लॉक जैसी नई तकनीक को अपनाकर हम सीमित स्थान और कम पानी में भी बड़े पैमाने पर मछलियों का उत्पादन कर सकते हैं।

भिलाई-3 अनुविभाग में शीघ्र शुरू होगा कार्य

टी.एल. मीटिंग में कलेक्टर ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधाओं के लिए भिलाई 3 अनुविभाग के गठन की घोषणा की है। एसडीएम कार्यालय में शीघ्र ही कार्य आरंभ हो जाएगा। इससे नागरिकों को सुविधा मिलेगी और प्रकरणों का तीव्र गति से निपटारा हो पाएगा।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, दुर्ग निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, भिलाई निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर, भिलाई-चरौदा कीर्तिमान राठौर, नगर निगम रिसाली कमिश्नर श्री आशीष देवांगन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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