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बेहतर और सभ्य समाज के लिए रावण रूपी बुराई को समूल नष्ट करना होगा-राज्यपाल


शाही दशहरा मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में हुईं शामिल राज्यपाल
खैरागढ़ विश्वविद्यालय के भरत-कला होहम नृत्य समूह के कलाकारों ने रामगाथा सर्वत्र राममयम की शानदार प्रस्तुती दी

भिलाई.राज्यपाल अनुसुईया उइके शाही दशहरा उत्सव समिति के सिविक सेंटर स्थित दशहरा मैदान में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में शामिल हुई। जहां उन्होंने देवी दुर्गा की पूजा अर्चना की और उन्होंने राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का रूप धारण किए हुए बच्चों प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर्व की बधाई देते कहा कि भगवान राम स्त्री की अस्मिता के रक्षक हैं। आज ही के दिन उन्होंने अधर्मी रावण का वध कर बुराई का अंत किया था। राज्यपाल  ने कहा कि स़्त्री अस्मिता की रक्षा ही सही मायनों में दशहरा का पर्व है।

 

उन्होंने कहा कि हमारे समाज में कई ऐसे आसुरी प्रवृत्ति के लोग हैं जो एक स्त्री की अस्मिता को तार-तार कर रहे हैं। हमें उन लोगों से हमारे समाज को मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन ही देवी दुर्गा ने भी महिषासुर का वध कर आसुरी शक्ति का नाश किया था। इसलिए यह दिन असत्य, बुराई और अधर्म पर सत्य, अच्छाई और धर्म की जीत के रूप में मनाया जाता है।

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खैरागढ़ विश्वविद्यालय के भरत-कला होहम नृत्य समूह के कलाकारों द्वारा भी रामगाथा सर्वत्र राममयम् की शानदार प्रस्तुती देते हुए

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इस दिन देश भर में मेले का, रामलीला का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि दशहरा अथवा विजयादशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में बुरी शक्तियों का अंत और भगवान के पवित्र एवं अदम्य शक्ति की पूजा का पर्व है। इसलिए हम बुराई के प्रतीक, रावण का  पुतला बनाकर उसे जलाते हैं। ताकि समाज बुराई के प्रति संवेदनशील हो।

 

असत्य और बुराई को नाश करने की क्षमता प्रकट हो। हम काम, क्रोध, लोभ, मोह,घृणा, द्वेष, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी जैसे बुराईयों से मुक्त हो सकें और एक बेहतर तथा सभ्य समाज का निर्माण हो सके। इसलिए इस दिन हम बुरी शक्तियों को नाश करने वाले शस्त्रों की पूजा करते हैं और नवीन कार्याे का आरंभ भी करते हैं। शाही दशहरा उत्सव महिला समिति की संरक्षक चारूलता पांडेय, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य राकेश पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।

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