HomeEntertainmentCrimeग्राहक सेवा केन्द्र में फर्जीवाड़ा: फिक्स डिपाजिट के पैसे डकार गए संचालक

ग्राहक सेवा केन्द्र में फर्जीवाड़ा: फिक्स डिपाजिट के पैसे डकार गए संचालक

बेमेतरा. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नगर पंचायत देवकर में संचालित एसबीआई के ग्राहक सेवा केन्द्र के धांधली उजागर होने के बाद हर दिन नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। खाताधारक ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक पर फर्जीवाड़ा के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक ने बैंक में ग्राहक का खाता खोला ही नहीं है, और फिक्स डिपाजिट पासबुक/ बांड पेपर देकर लाखों रुपए डकार गए हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब वह एसबीआई साजा के ब्रांच पहुंचे और ब्रांच के कर्मचारियों ने उनके नाम से खाता नहीं होने की जानकारी दी।

अब पीड़ित ग्राहक फर्जी पासबुक को देख अपना माथा पीठ रहा है। उनका कहना है कि उसने अपनी जिंदगी भर की कमाई को इसलिए जमा किया था कि बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ा लिखा सके। बुढ़ापे में किसी के हाथ फैलाना न पड़ें, लेकिन ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक ओम प्रकाश ताम्रकार ने लोगों के साथ धोखाधड़ी कर दर दर भटकने के लिए मजबूर कर दिया है।

इनके नाम पर जारी हुआ है आईडी

साजा एसबीआई ब्रांच से ओम प्रकाश ताम्रकार, मुकेश ताम्रकार एवं पूजा ताम्रकार के नाम से ग्राहक सेवा केन्द्र के तीन आईडी जारी होना बताया जा रहा है। इन तीनों आईडी से 20,000 से ज्यादा हितग्राहियों के जनधन खाता, चालू खाता, रिकरिंग डिपोजिट और फिक्स डिपोजिट जैसे खाता खोला गया है

वर्षों से चल रहा है गड़बड़ी का खेल

नगर पंचायत देवकर में भारतीय स्टेट बैंक शाखा साजा के अधीन संचालित ग्राहक सेवा केंद्र में पिछले चार सालों से गड़बड़ी का खेल रहा है। शुरुआत में कुछ ग्राहकों ने साजा बैंक मैनेजर से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन किसी प्रकार का पुख्ता सबूत नहीं होने की वजह से वे चुप रहे। इसका फायदा संचालक ने उठाया। जो ग्राहक पैसे जमा करने आते उसकी जमा राशि स्वयं के पास रख लेते थे और पासबुक में मैनुवल एंट्री कर हितग्राहियों को थमा देते थे। जिससे हितग्राहियों को आशंका भी नहीं होती थी कि उनके साथ धोखाधड़ी किया जा रहा है। परंतु अब 1, 2,3,4 नहीं, बल्कि सैकड़ाें ग्राहकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी और जालसाजी की गई तब मामला खुलकर सामने आया। लोग मुखर होकर अपनी पीड़ा बता रहे हैं।

इस तरह की शिकायतें आई है सामने

केस-1

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नगर पंचायत देवकर द्वारा कई हितग्राहियों के किस्त की राशि एसबीआई के ग्राहक सेवा केन्द्र के खाता नंबर में ट्रांसफर किया गया है। हितग्राही अपने पैसे लेने जब बैंक गए तो संचालक ने सर्वर डाउन होने की बात कहकर टालमटोल करता रहा। हितग्राहियों को घुमाया गया। परेशान होकर हितग्राही मुख्य शाखा साजा पहुंचे एवं अपने जमा राशि का स्टेटमेंट निकलवाया, तब पता चला कि उनके खाते से राशि निकाल ली गई है।

केस-2

देवकर के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने एवं मां के नाम पर तकरीबन 3 लाख फिक्स डिपाजिट जमा किया था। जब उन्होंने साजा स्टेट बैंक से अपनी राशि की जानकारी मांगी गई तो उन्हें पता चला कि उनके नाम से एवं उनके मां के नाम से कभी कोई खाता शाखा द्वारा खोला ही नहीं गया है। यानी फर्जी पासबुक/ बांड पेपर बनाकर दिया गया है।

केस-3

ग्राहक सेवा केंद्र द्वारा हितग्राहियों दिए गए पासबुक एवं स्टेट बैंक शाखा साजा से प्राप्त स्टेटमेंट में काफी अंतर है। हितग्राहियों के स्टेटमेंट में खाते में पिछले कई महीनों से कोई लेन-देन नहीं दिखाया जा रहा है। जबकि हितग्राहियों का कहना है कि उन्होंने कई बार खाता में राशि जमा किया है। उसकी पासबुक में मैनुवल एंट्री भी है, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में उसका कोई उल्लेख नहीं किया है। यानी ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक ने लेजर रिकॉर्ड अपडेट नहीं करवाया।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

error: Content is protected !!