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एक व्यक्ति,उनकी पत्नी से ऐसे बदतमीजी से बात करे तो ऐसी विधायकी को मैं 100 बार ठुकराना पसंद करुंगा-विधायक धर्मजीत

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(JCCJ) से विधायक धर्मजीत सिंह के निष्कासन के बाद दूसरे विधायक प्रमोद शर्मा भी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर आ गए हैं। धर्मजीत सिंह और प्रमोद शर्मा ने सोमवार को सार्वजनिक तौर पर कह दिया कि अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ अब खत्म हो गई है।

दोनों ने इसके लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को जिम्मेदार ठहराया। धर्मजीत सिंह ने आरोप लगाया,अमित जोगी ने अगस्त में उनकी पत्नी को फोन कर गाली-गलौज किया था। उनका निष्कासन उसी बात को दबाने के लिए किया गया है।विधायक धर्मजीत सिंह ने सोमवार को कहा, पहले क्या हुआ यह मैं नहीं जानता लेकिन अब मुझ पर कातिलाना हमले होंगे। मेरी हत्या भी कराई जा सकती है।

रायपुर प्रेस क्लब में लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह और बलौदा बाजार विधायक प्रमोद शर्मा एक साथ आए। धर्मजीत सिंह ने कहा, उनकी पत्नी विशुद्ध रूप से गृहिणी हैं। उनका मेरी राजनीति से कोई लेना-देना भी नहीं है। इसके बाद भी 28 अगस्त को अमित जोगी ने उनकी पत्नी को फोन किया। बदतमीजी की जितनी सीमा वे लांघ सकते थे, वह लांघी। मेरी पत्नी के साथ गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके साथ बातचीत में मेरे प्रति भी गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया। उनकी नाराजगी इस बात की थी कि अमित शाह के कार्यक्रम में मैं और प्रमोद शर्मा क्यों गए थे। अगर कोई बात थी तो यह मुझसे करनी चाहिए थी।

इस बातचीत के बाद अमित जोगी ने वॉट्सएप पर एक संदेश भेजा। लिखा- मुझे सूचना मिली है कि स्वर्गीय अजीत जोगी जी की पार्टी के दो विधायक धर्मजीत सिंह और प्रमोद शर्मा ने कल अमित शाह से मिलकर उनके साथ विलय करने की पेशकस की है। अमित शाह ने उनकी इस पेशकस को सिरे से खारिज कर उसकी जानकारी मुझे दी है। क्योंकि भाजपा को ज्ञात है कि बिना जोगी के दोनों तथाकथित हीरो, जीरो हैं। ऐसे गद्दारों को मैं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत से तत्काल पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त करता हूं।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विधानसभा अध्यक्ष को दोनों विधायकों को विधानसभा की सदस्यता से तत्काल मुक्त करना पड़ेगा। आठ सितम्बर को अमित जोगी ने एक और संदेश भेजा। लिखा-मम्मी की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण भावना में बहकर आपसे कुछ अनुचित बात हो गई। उसके लिए मैं सदैव आपका क्षमा प्रार्थी रहुंगा। पापा के बाद आप ही हमारे परिवार के मुखिया है। आशा करता हूं कि आप मेरी गलती को क्षमा करेंगे।

उसके बाद रेणु जोगी का मैसेज आया। उन्होंने लिखा – आज के घटनाक्रम के लिए मैं अपने परिवार की ओर से हार्दिक खेद प्रकट कर रही हूं। अमित के दुर्व्यवहार के लिए मैं स्वयं बहुत दुखी और शर्मिंदा हूं। आपसे माफी मांगती हूं। आशा है आप हमें क्षमा करेंगे। इन सब बातों पर पर्दा डालने के लिए अमित जोगी ने मुझपर सांठगांठ का आरोप लगाया है। मैंने तो उसी दिन तय कर लिया था कि ऐसे लोगों से बातचीत करना अथवा वास्ता रखना ठीक नहीं है। धर्मजीत सिंह ने कहा, अब उस पार्टी में गिने-चुने दो-तीन लोग बचे हैं। जितनों को निकालना है निकाल लो।

सम्मान से समझौता नहीं

धर्मजीत सिंह ने कहा, अमित जोगी की जितनी उम्र है उससे अधिक साल से मैं राजनीति कर रहा हूं। छह बार विधानसभा का चुनाव लड़ा हूं। चार बार का विधायक हूं। उस व्यक्ति को उम्र की मर्यादा नहीं। महिलाओं के प्रति उसके मन में सम्मान नहीं। धर्मजीत सिंह ने कहा, एक व्यक्ति उनकी पत्नी से ऐसे बदतमीजी से बात करे तो ऐसी विधायकी को मैं 100 बार ठुकराना पसंद करुंगा लेकिन । उन्होंने कहा, मैं उसका गुलाम नहीं हूं। जो करना है खुलेआम करुंगा।

कहीं न कहीं तो जाना पड़ेगा न, ऐसे चौराहे पर तो नहीं बैठूंगा

धर्मजीत सिंह ने कहा, अब कहीं न कहीं तो जाना पड़ेगा न। ऐसे चौराहे पर तो नहीं बैठा रहूंगा। जहां भी जाउंगा खुलेआम जाउंगा। सबको बताकर जाउंगा। प्रमोद शर्मा ने कहा, वे खुली चुनौती दे रहें हैं कि अमित जोगी में हिम्मत है ताे उन्हें भी निष्कासित कर दें। यह पूछने पर की आप खुद ही इस्तीफा क्यों नहीं दे देते। प्रमोद शर्मा ने कहा, संवैधानिक बंधन है। दो तिहाई रहते तो यह हो जाता। अब दो ही बचे हैं, इस्तीफा देकर गया तो मामला फंस जाएगा।

मुझे तो कई बार निष्कासित कर चुके

विधायक प्रमोद शर्मा ने कहा, अमित जोगी बेहद वाहियात आदमी हैं। वे सोए-सोए, बाथरूम में बैठकर फैसला लेते हैं। उन्होंने वॉट्सएप संदेश में मुझे ही कई बार पार्टी से निष्कासित किया है। मैं मुहफट आदमी हूं तोक पलटकर जवाब दे देता हूं। पिछले दिनों उन्होंने ऐसा ही एक संदेश भेजा। मैंने पलटकर लिख दिया – पागल हो गए हो क्या बे? उसके बाद बात वहीं खत्म हो गई। धर्मजीत भइया ऐसा नहीं बोले तो उनका लेटर जारी कर दिया।

अमित जोगी ने कहा, यह धर्मजीत नहीं, भीतर का एकनाथ शिंदे बोल रहा है
विधायक धर्मजीत सिंह के आरोपों पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की तंज भरी प्रतिक्रिया आई है। अमित जोगी ने कहा, मेरे संस्कार मुझे यह अनुमति नही देते कि मैं अपने वरिष्ठजनों विशेषकर वो जो मेरे पिता की राजनीतिक छाया में पले बढ़े, उनकी किसी भी बात पर उनके विरुद्ध कुछ कहूं। माननीय अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े वर्गों तथा समाज के गरीब और दबे कुचले लोगों के उत्थान के लिये जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन किया था। लेकिन पार्टी के अस्तित्व को मिटाने और छत्तीसगढ़ की अस्मिता को कुचलने के लिए जो षड्यंत्र रचा गया, उसको देखते हुए पार्टी के पास ठाकुर धर्मजीत सिंह जी पर कार्यवाही करने के अलावा कोई विकल्प नही बचा था। दुख केवल इस बात का है कि धर्मजीत चाचा को क्षेत्रीय स्वाभिमान छोड़कर, छत्तीसगढ़ का एकनाथ शिंदे बनना ज्यादा रास आया। मेरे विरुद्ध अनाप-शनाप बात आदरणीय ठाकुर धरमजीत सिंह जी नही बल्कि उनके अंदर का एकनाथ शिंदे बोल रहा है।

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