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दिशा की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा अधिकारी उदासीन, इसलिए लोगों को नहीं मिलता सुविधाओं का लाभ

  • ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटली मजबूत करने किया जाएगा कार्य, स्कूलों और अस्पतालों में इंटरनेट की सुविधा बढ़ेगी
  • नंदकटठी स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सक के खिलाफ की गई शिकायत

दुर्ग. कलेक्टोरेट में सांसद विजय बघेल की अध्यक्षता में दिशा की बैठक हुई। जहां ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटली मजबूत करने यहां इंटरनेट की सुविधाएं बढ़ावा देने, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है अथवा इसकी कनेक्टिविटी धीमी है वहां डिजिटल इंडिया के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने विस्तार से जिले में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में सांसद बघेल ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी समन्वय के साथ योजनाओं की उचित मानिटरिंग की समीक्षा करते रहें। जो शासन की फ्लैगशिप योजनाएं हैं उनके क्रियान्वयन की स्थिति की निगरानी के लिए दिशा समिति के अध्यक्ष के रूप में सांसद और सदस्य स्वयं दौरा कर स्थिति का निरीक्षण करेंगे।

मनरेगा के कार्यों की समीक्षा भी बैठक में की गई। बैठक में सांसद ने कहा कि सभी गांवों में मनरेगा के पर्याप्त संख्या में कार्य चलते रहें ताकि सभी लोगों को रोजगार मिलता रहे। जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष 70 हजार से अधिक परिवारों को मनरेगा अंतर्गत रोजगार दिया गया। इससे 98 हजार से अधिक व्यक्ति लाभान्वित हुए। उन्होंने बताया कि इसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है। 67 प्रतिशत महिलाओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

सांसद श्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना पर विशेष रूप से फोकस करें, यदि किसी हितग्राही को तकनीकी त्रुटियों की वजह से क्लेम नहीं मिल पा रहा है तो इसका लाभ अवश्य दें। स्वास्थ्य की भी बैठक में विशेष रूप से समीक्षा की गई। नंदकट्ठी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की उदासीनता की शिकायत सदस्यों ने की। इस पर कलेक्टर ने कहा कि उन्हें शो काज नोटिस दिया जाएगा। सदस्यों ने उन ग्रामीण सड़कों के विषय में भी अपनी बात रखी जो ट्रकों के हैवी लोड की वजह से खराब हो रही हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी सदस्य अपने क्षेत्र से संबंधित प्रस्ताव दे दें ताकि प्रस्ताव के अनुकूल संधारण की कार्रवाई त्वरित रूप से की जा सके।

बैठक में शहरी आजीविका मिशन एवं बिहान के विषय में भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इसमें अच्छा काम हो रहा है। इस वित्तीय वर्ष में 879 से अधिक समूह गठित किये गये हैं और इनके माध्यम से बिहान योजना में दस हजार से अधिक सदस्य बनाये गये हैं।

अहिवारा में शहरी आजीविका मिशन के अधिकारियों की उदासीनता की शिकायत भी सदस्यों ने की। नगरीय निकायों के अधिकारियों को इसके लिए उचित मानिटरिंग हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में विधायक दुर्ग अरुण वोरा, महापौर दुर्ग धीरज बाकलीवाल, रिसाली महापौर शशि सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी यादव, अहिवारा नपाध्यक्ष नटवर ताम्रकार, जामुल नपाध्यक्ष ईश्वर ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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