Homeदेशकेन्द्रीय गृहमंत्री क्षेत्रीय परिषद की बैठक में नदी जल बंटवारा समेत अन्य...

केन्द्रीय गृहमंत्री क्षेत्रीय परिषद की बैठक में नदी जल बंटवारा समेत अन्य विषयों पर मुख्यमंत्रियों से करेंगे चर्चा

  • केन्द्रीय मंत्री शाह की अध्यक्षता में भाेपाल में होगी बैठक
  • बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल समेत चार राज्यों के सीएम और सीएस होंगे शामिल
  • राज्यों से जुड़े विषयों पर होगी चर्चा

भोपाल. मध्यप्रदेश में आज होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह भोपल पहुंच गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कनेक्टिविटी, बिजली, नदी जल के बंटवारे और साझा हितों के अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

सीएम और मुख्य सचिव होंगे बैठक में शामिल

मध्य क्षेत्रीय परिषद में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सदस्य राज्यों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

Chhattisgarh

क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और राज्यों तथा क्षेत्र में एक या कई राज्यों से जुड़े मुद्दों को उठाती हैं। इस प्रकार, क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और राज्यों के बीच तथा क्षेत्र के कई राज्यों के बीच विवादों और परेशानियों को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करती हैं। क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों का इस्तेमाल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनी सर्वोत्तम कार्य प्रणाली को साझा करने के लिए किया जाता है। परिषदें व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा करती हैं जिनमें सीमा संबंधी विवाद, सुरक्षा, सड़क, परिवहन, उद्योग, पानी, बिजली, वन और पर्यावरण के साथ आवास, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन और परिवहन जैसे विषय शामिल हैं।

निर्धारित प्रक्रिया और परिपाटी के अनुसार, क्षेत्रीय परिषद की बैठक से पहले परिषद की एक स्थायी समिति की बैठक होती है, जिसमें परिषद के समक्ष रखी जाने वाली कार्यसूची की जांच की जाती है और प्राथमिकता तय की जाती है। ।

देश में पांच क्षेत्रीय परिषदें

देश में पांच क्षेत्रीय परिषदें हैं जिनकी शुरुआत 1957 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15-22 के तहत की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री इन क्षेत्रीय परिषदों में से प्रत्येक के अध्यक्ष होते हैं और मेजबान राज्य के मुख्यमंत्री (हर साल रोटेशन द्वारा चुने जाने वाले) उपाध्यक्ष होते हैं। प्रत्येक राज्य के दो और मंत्रियों को राज्यपाल द्वारा सदस्यों के रूप में नामित किया जाता है।

यह भी पढ़ें: प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार,न्यायालयों के कर्मचारी भी हड़ताल में जाने को तैयार

गांवों में पुलिस की चौपाल,अधिकारियों ने बताए साइबर ठगी से बचने के उपाय

महंगाई भत्ता देने के लिए कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री ने सहकारिता के क्षेत्र में श्री लाखे के योगदान को किया याद

RELATED ARTICLES

Most Popular

error: Content is protected !!