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डीपीएस ने आरटीई के तहत प्रवेश देने के बजाय किया टालमटोल, कलेक्टर से शिकायत

दुर्ग. निजी स्कूल प्रबंधन राइट-टू-एजुकेशन (RTE)का पालन नहीं कर रहे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए छात्र-छात्राओं का नाम सूची में शामिल कर लेते हैं। फिर प्रबंधन प्रशासनिक कार्रवाई की वजह बताकर लेटलतीफी किया जाता है। ताकि समय सीमा में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी न होने पर सीट को रिक्त बताया जा सके। इसी तरह का एक मामला मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में आया। कलेक्टर पुष्पेन्द्र मीणा से लिखित में शिकायत कर पूरे वाक्ये की जानकारी दी।

कलेक्टर को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि उसकी बेटी का चयन राइट-टू-एजुकेशन(RTE) के तहत् डी.पी.एस. भिलाई (DPS BHILAI) में हुआ था। स्कूल प्रबंधन के द्वारा वांछित मूल्य दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा चुका है परंतु आवेदक को सूचित किया गया कि प्रवेश के लिए उन्हें अलग से जानकारी मुहैया कराई जाएंगी। काफी दिनों बाद जब आवेदक द्वारा प्रवेश के संबंध में जानकारी मांगी गई तो आवेदक को पुनः फोन पर सूचना दी जाएंगी, ऐसा कहा गया।

अंतिम तारीख का बहाना बनाया

कोई सूचना न मिलने पर आवेदक 1 जुलाई को स्कूल गया। तब उसे शाला प्रबंधक द्वारा बताया गया कि प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून थी क्योंकि आप एडमिशन के लिए नहीं आए इसलिए आपका स्थान निरस्त कर दिया गया। आवेदक का कथन था कि डी.पी.एस. स्कूल भिलाई के द्वारा गुमराह कर उसकी पुत्री को प्रवेश से वंचित किया गया है। क्योंकि यह आवेदक की बेटी के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए उन्होंने कलेक्टर से निवेदन है कि डी.पी.एस. भिलाई में प्रवेश दिलाकर उसके बच्ची का भविष्य सुनिश्चित किया जाए। वहीं कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को प्रकरण प्रेषित किया।

तीन साल में तैयार नहीं किया पेंशन प्रकरण

आज जनदर्शन में विधवा पेंशन को लेकर भी एक आवेदिका कलेक्टर के समक्ष् पहुंची थी जिसमें उसने बताया कि वर्ष 2017 में उसके पति की मृत्यु हुई है। परंतु उसे शासन द्वारा विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए उसने पूर्व में भी आवेदन प्रस्तुत किया था जो कि अभी तक लंबित है। उसके द्वारा अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और पूर्व में दिए गए आवेदन की छायप्रति प्रस्तुत की। कलेक्टर ने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए आवेदन संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया।

सामुदायिक भवन की मांग

जुनवानी खम्हरिया से आवेदक ने वार्ड क्रं. 01 भिलाई नगर निगम में क्षेत्रफल आधारित जनसंख्या के दृष्टिकोण से क्षेत्र में सामुदायिक भवन की आवश्यकता बतायी। अपने आवेदन में उसने बताया है कि अनुपातिक रूप से जनसंख्या घनत्व को देखते हुए वार्ड वासियों को शादी व अन्य समारोह में कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए सामुदायिक भवन की आवश्यकता है। वार्ड में 02 सामुदायिक भवन है परंतु उसमें शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन होता है और लंबे समय अंतराल में नागरिकों के आवश्यकता अनुरूप किसी नए भवन का निर्माण भी नहीं हुआ है। आवेदक चाहता है कि सामुदायिक भवन से उचित मूल्य की दुकान को स्थानांतरित किया जाए ताकि वार्डवासी सामुदायिक भवन का उपयोग समारोह या अन्य कार्यक्रमों के लिए कर सके। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को आवेदन प्रेषित किया। मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में 28 आवेदन प्राप्त हुए।

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