Homeस्वास्थ्यबच्चों का समय पर हीमोग्लोबिन की जांच बहुत जरूरी- डॉ श्रुतिका ताम्रकार...

बच्चों का समय पर हीमोग्लोबिन की जांच बहुत जरूरी- डॉ श्रुतिका ताम्रकार यादव

  • रिजनल क्लिनिकल एडं इनफ्रेक्शेस डिसीजेस लेबोरिटिस ने शिविर लगाकर 1100 स्कूली बच्चों का किया रक्त परीक्षण
  • शकुंतला स्कूल में अवेयनेश प्रोग्राम के तहत लगाई गई थी स्वास्थ्य परीक्षण एवं दंत चिकित्सा शिविर

भिलाई. नंदनी रोड पावर हाउस स्थित रिजनल क्लिनिकल एडं इनफ्रेक्शेस डिसीजेस लेबोरिटिस(RCIDL) की टीम एनिमिया अवेयरनेश प्रोग्राम के तहत शिविर लगाकर लोगों का रक्त परीक्षण एवं चिकित्सकों के द्वारा उपचार किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को शकुंतला स्कूल में स्वास्थ्य जांच एवं दंत परीक्षण शिविर लगाया गया। जहां चिकित्सकों 1100 बच्चों का नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं रक्त परीक्षण कर उपचार किया गया।

 

डॉ श्रुतिका ताम्रकार यादव (डीएनबी ) ने बताया कि नंदनी रोड पावर हाउस स्थित रिजनल क्लिनिकल एडं इनफ्रेक्शेस डिसीजेस लेबोरिटिस की टीम के साथ एनिमिया रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अवेयरनेश प्रोग्राम चला रहे हैं और शकुंतला स्कूल रामनगर मेंनि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और दंत चिकित्सा परीक्षण शिविर लगाई गई थी। जहां सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक लगभग 11 सौ बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ब्लड ग्रुप और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। वहीं बीडीएम एमडीएस डॉ चिनार फटिंग की टीम ने बच्चों के दांतों की भी जांच की।

शंकुला स्कूल के डायरेक्टर एवं स्टाॅफ के साथ डॉ श्रुतिका ताम्रकार यादव

डॉ श्रुतिका का कहना है कि एनिमिया की जांच बहुत जरूरी है। खून की कमी वजह से बच्चे कमजोर हो जाते हैं। उनका व्यवहार चिड़चिड़े हो जाते हैं। वह ठीक से खेलता नहीं है, खाना भी नहीं खाते। उनका हार्ट बिट तेज चलता है। हाथ पैर ठंडा रहता है। नाखून और बाल खराब हो जाते हैं। इसलिए समय पर हीमोग्लोबिन की जांच जरूरी है। ताकि पता चल सके कि कही बच्चों को एनिमिया तो नहीं है। यदि एनिमिया है तो वह किस तरह की है यहा पता लगाकर समय पर इलाज जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर अवेयरनेस प्रोग्राम चलाया जा रहा है। शिविर में ब्लड ग्रुप का परीक्षण कर बताया जा रहा है ताकि इमरजेंसी समय में ब्लड ग्रुप की जानकारी होना बहुत जरूरी है।

थायरायड का ज्यादा या कम होना,स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक

बीडीएम एमडीएस डॉ चिनार फटिंग ने बताया कि बच्चों में दांत की बीमारी बढ़ते जा रही है। बच्चे चॉकलेट, मीठा चीज, चिप्स आदि ज्यादा खाते हैं। इसलिए दांत का विशेष देखभाल जरूरी है। बच्चों को कम से कम दो बार ब्रश करना चाहिए। हमें यह आदत बच्चों में डालनी होगी स्वास्थ्य शिविर में शकुंतला स्कूल के डायरेक्टर संजय ओझा, प्रिंसिपल विपिन ओझा एवं स्कूल की टीम का विशेष सहयोग रहा।

Chhattisgarh
शिविर में रक्त परीक्षण के लिए सैंपल लेते हुए पैरामेडिकल स्टॉफ

यह भी पढ़ें: घर बैठे 5 वर्ष तक के बच्चों का बनवाएं आधार कार्ड, पंजीयन के लिए डॉयल करें 14545

सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सीएम बघेल को शासकीय योजनाओं के बारे में दिया फीडबैक

chhattisgarh

हाईकोर्ट फैसला:आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव समेत अन्य दूसरे कामों में लगाने पर रोक

दर्दनाक हादसा: आमने सामने भिड़े बाइक, तीन युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम

RELATED ARTICLES

Most Popular

error: Content is protected !!