HomeEntertainmentCrimeअपहत युवा सिंगर का शव कई टुकड़ों में बरामद, 6 आरोपी गिरफ्तार

अपहत युवा सिंगर का शव कई टुकड़ों में बरामद, 6 आरोपी गिरफ्तार

7 अक्टूबर से स्मृति नगर के मकान से गायब था युवक

म्यूजिक कंपोजिंग सीखने आया था भिलाई

बेमेतरा जिले का रहने वाला था मृतक

भिलाई. स्मृति नगर थाना के पीछे रहने वाले एक युवा सिंगर नीलेश डाहरे की हत्या की पुलिस ने गुत्थी सुलझा लिया है और पुलिस ने हत्या के आरोप में बलौदा बाजार जिला से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के निशानदेही पर मृतक नीलेश का शव कई टुकड़ों में बरामद किया है। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस मामले में चार आरोपी फरार है।

10 टुकड़े किए थे शव के

एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि आरोपियों ने युवक नीलेश की बेरहमी से हत्या की है। हत्या उनके मामा व सिगमा के बदमाश अमरजीत गैंग के लोगों ने किया है।आरोपियों ने युवक की बेरहमी से हत्या की है। लाश के 10 अलग-अलग टुकड़े कर सिमगा के पास शिवनाथ नदी और महासमुंद रोड के जंगल में फेंक दिया था। जिसे पुलिस की टीम ने स्थानीय मछुवारों की मदद से नदी से बरामद किया है। शव के बीच का भाग से ही मृतक नीलेश की पहचान हुई है।

गांवों के आरोपियों के नाम से दहशत

पुलिस ने बताया कि आरोपी मोटिवेशन गैंग चलाते थे। इस गैंग का 10 गांव में दहशत था। गांव में आरोपी लोगों को डराना-धमकाना और रंगदारी करते थे। वहीं आरोपी मोंटू ने पुलिस को बताया कि भिलाई अपने साथियों के साथ गया था। जहां उसने नीलेश के साथ शराब पार्टी की। इसके बाद उसे कार में बैठाकर प्लानिंग के तहत सिमगा आ गए। यहां उसे अपने फार्म हाउस में रखा था। मोंटू और उसके 9 साथियों ने उसे इतनी बेरहमी से मारा कि उसकी मौत हो गई। मौत होने के बाद उन्होंने श‌व को एक दिन तक फार्म हाउस में रखा। अगले दिन कुल्हाड़ी से काटकर शव के कई टुकड़े किए और अलग-अलग बोरियों में भरकर उन्हें अलग-अलग जगह फेंक दिया।

Chhattisgarh
आरोपियों के निशानदेही पर खेत में शव के टुकड़े को खोचते हुए पुलिस की टीम

बेमेतरा जिले का रहने वाला था मृतक नीलेश 

सिंगर नीलेश डेहरे पिता स्व. नरेंद्र डेहरा (23 साल) बेमेतरा जिले के सुरखी थाना क्षेत्र अंतर्गत ढाड़ी का रहने वाला था। वह पहले टाउनशिप में रहकर म्यूजिक कंपोजिंग सीखता था। इसके बाद कुछ महीने पहले ही स्मृति नगर में थाना के पीछे किराए का मकान लेकर रह रहा था। वहीं पर म्यूजिक एल्बम बनाने के लिए सेटअप तैयार किया था। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक ने आरोपी मोंटू की स्कूटी को 15 हजार में गिरवी रखा था। वरुण सोनकर से एल्बम बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए उधार लिया था। इसी को लेकर आरोपियों के साथ नीलेश का विवाद चल रहा था।

परिवार गुहार लगाते रहा, लेकिन पुलिस ने 10 दिन बाद अपराध दर्ज किया

इतने संगीन मामले में भी स्मृति नगर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मृतक के बड़े भाई नीतेश डाहरे का कहना है कि 6 अक्टूबर की रात को उनके साथ मारपीट की गई थी। तब उनका भाई दौड़ते हुए स्मृति नगर चौकी पहुंचा था, लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसी बीच उन्होंने अपने भाई से बातचीत की थी। इसके बाद से उनका फोन लगातार बंद मिला। आशंका होने पर दूसरे दिन 7 अक्टूबर को कमरे में गया, लेकिन वे वहां पर नहीं मिला। तब पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। जब 10 दिनों तक उसका कहीं पता नहीं लगा और पुलिस ने जांच में सहयोग नहीं किया। तब विधायक से गुहार लगाई। विधायक कार्यालय से फोन करने के बाद चौकी प्रभारी ने 17 अक्टूबर को उसकी मिसिंग रिपोर्ट दर्ज की गई। उनका यह भी कहना था घटना के दो दिन पहले ही उन्होंने अपने बड़े पापा के एकाउंट से नीलेश के एकाउंट में 35 हजार रुपए ट्रांसफर भी किया था।

आखिरी बातचीत कुख्यात बदमाश मोंटू के साथ

इसके बाद ही मामले में जांच पड़ताल शुरू किया गया। सुपेला थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा और स्मृति नगर चौकी प्रभारी एसआई युवराज देशमुख के नेतृत्व में गठित टीम को मृतक नीलेश का लास्ट लोकेशन सिमगा के कचकोन गांव में मिला।  पुलिस की टीम वहां पहुंची और तीन दिनों तक डेरा डालकर रखा और नीलेश के कॉल डीटेल निकाली तो उसकी अंतिम बातचीत सिमगा के बदमाश मोंटू उर्फ अमरजीत माहेश्वरी पिता कृष्णा माहेश्वरी से होना पाया गया। जो कि मृतक का मुंहबोले मामा है।

Chhattisgarh
कचकोन के ग्रामीणों से पूछताछ करते हुए पुलिस

पुलिस ने मोंटू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नीलेश की हत्या करना स्वीकार किया। उन्होने बताया कि कार बुक कर भिलाई आया था। 7 अक्टूबर को नीलेश का अपहरण कर सिमगा के पास कचकोन के फार्म हाउस में ले गया था। जहां उनके साथ मारपीट किया गया। मौत हो जाने के बाद शव को मनीष के घर में लाया और कुल्हाड़ी से उसके शरीर के कई टुकड़े करके अलग-अलग जगहों में फेंक दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शिवनाथ नदी और महासमुंद के जंगल में शव के कुछ टुकड़े बरामद किए हैं। पुलिस को शव के बीच का भाग मिला है, जिससे उसकी पहचान हुई है।

नीलेश के घर में छिपकर काट चुका है फरारी

स्मृति नगर पुलिस के मुताबिक हत्या का मास्टरमाइंड मोंटू आपराधिक प्रवृति का है। वह सिमगा में रंगदारी भी करता है। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। दो बार वह एनडीपीएस एक्ट के आरोप में फरार भी रहा और उस दौरान नीलेश के घर में ही छिपकर रह रहा था।

पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार

पुलिस ने बलौदाबाजार जिला के सिमगा थाना अंतर्गत ग्राम कचकाेन से अमरजीत उर्फ मोटूं पिता कृष्णा महेश्वरी, हरेन्द्र उर्फ फोकली पिता कृष्णा महेश्वरी, वरूण सोनकर पिता भगतराम सोनकर, भोजराम निषाद पिता पुरुषोत्तम निषाद, मनीष गायकवाड़ पिता संतोष राव गायकवाड़, भूपत साहू पिता गणेश साहू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल्हाड़ी, दो नग नकली पिस्टल, तलवार, चाकू,  फरसा बरामद किया है। आरोपी राजा, नईम, अभी और अभिषेक फरार है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

 

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