HomeदेशMBBS in Hindi:चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई अब हिन्दी में होगी

MBBS in Hindi:चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई अब हिन्दी में होगी

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज भोपाल में
  • लाल परेड मैदान में करेंगे चिकित्सा विज्ञान के तीन पुस्तकों का विमोचन
  • ग्वालियर में एयरपोर्ट टर्मिनल की रखेंगे आधारशिला

मध्य प्रदेश के क्षेत्र चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू करने जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने चिकित्सा की पढ़ाई हिंदी में भी शुरू करने का निर्णय लिया है और देश में यह पहला राज्य होगा,जो चिकित्सा की पढ़ाई हिंन्दी में कराएगी।

आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित ‘हिंदी में ज्ञान का प्रकाश’ कार्यक्रम में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के तीन विषयों की हिंदी पुस्तकों का विमोचन करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहां चिकित्सा की पढ़ाई हिंदी में भी होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप प्रदेश में चिकित्सा पाठ्यक्रम को हिंदी में तैयार कराने का निर्णय लिया गया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के नेतृत्व में उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई। साथ ही विषय निर्धारण एवं सत्यापन कार्य के लिए समितियों का गठन किया गया।

यह भी पढ़ेंSurya Grahan 2022: दीपावली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण,जानिए कब तक रहेगा सूतक काल

अमरूद,सीताफल, ड्रेगनफ्रूट के उत्पादन में छत्तीसगढ़ अग्रणी,लाभ के लिए उत्पादकों का संगठन जरूरी

केंद्रीय मंत्री अमित शाह रविवार को ग्वालियर जाएंगे। वे यहां नए एयर टर्मिनल का शिलान्यास करेंगे। 446 करोड़ की लागत से यह नया एयर टर्मिनल तैयार किया जा रहा है, जो मप्र का सबसे बड़ा टर्मिनल होगा। इसके साथ ही नल जल योजना व पीएम आवास- ग्रामीण व शहरी का लोकार्पण भी शाह के हाथों कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें उद्योग और नए स्टार्टअप के लिए युवा पीढ़ी को सरकार हर संभव मदद के लिए तैयार-मंत्री लखमा

मतदाता जागरुकता के लिए दिए जाएंगे चार श्रेणी में राष्ट्रीय मीडिया अवॉर्ड

रोशनपुरा चौराहे पर आयोजित चिकित्सा की हिंदी पुस्तकों के विमोचन की पूर्व संध्या पर ‘एक दीपक हिंदी के नाम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हिंदी में चिकित्सा की पढ़ाई शुरू कर मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प पूरा कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें Agri Carnival 2022:किसानों को पसंद आया ड्रोन तकनीक से कीटनाशक का छिड़काव

कृषि विज्ञान केन्द्र के खेतों में ड्रोन से किया नैनो यूरिया छिड़काव

97 चिकित्सकों के दल ने चार महीने में तैयार की पुस्तकें

बता दें कि 2015 में हिंदी को बढ़ाने के लिए भोपाल में विश्व हिंदी सम्मेलन हुआ था। इसमें दुनियाभर के हिंदी के जानकार शामिल हुए थे। जहां चिकित्सा की हिंदी किताबें आने के बाद जानकारों ने मुख्यमंत्री से चिकित्सा की पढ़ाई हिन्दी में शुरू करने की मांग की थी। विशेषज्ञों की मांग के अनुसार 97 चिकित्सकों के दल ने चार महीने में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पुस्तकें तैयार की हैं। इनमें एनाटामी, फिजियोलाजी और बायोकेमेस्ट्री शामिल हैं। रात में भी शिक्षकों ने काम किया।

यह भी पढ़ें

नेशनल हाइवे में कहां पर लग रहा है जाम,यातायात विभाग गूगल मैप से करेंगे मानिटरिंग

सु्प्रीम कोर्ट ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

RELATED ARTICLES

Most Popular

error: Content is protected !!