Homeशिक्षानई शिक्षा नीति: कृषि शिक्षा के पाठ्यक्रम में होगा बदलाव

नई शिक्षा नीति: कृषि शिक्षा के पाठ्यक्रम में होगा बदलाव

कुलपति डॉ. चंदेल की अध्यक्षता में हुई बैठक

रायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय(IGKV), कृषि शिक्षा के पाठ्यक्रम को व्यावसायमूलक बनाने जा रही है। विवि प्रशासन शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष से इसे लागू किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में कृषि शिक्षा में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोध पाठ्यक्रम और शिक्षा प्रणाली सुधार के लिए गहन विचार मंथन किया गया। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं कृषि वैज्ञानिकों ने नई शिक्षा नीति 2022 के तहत कृषि शिक्षा पाठ्यक्रम एवं प्रणाली में किये जाने वाले सुधारों पर चर्चा की।

कृषि शिक्षा के स्वरूप में परिवर्तन के लिए प्रोफेसर डॉ. एस.एस. शॉ की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समिति ने इस संबंध में अपनी संस्तुतियाँ दीं। समिति ने कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा इसे व्यवसायमूलक बनाने के संबंध में कई सुझाव दिये। कुलपति डॉ. चंदेल ने कहा कि समिति की रिपोर्ट तथा बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर कृषि शिक्षा के पाठ्यक्रम तथा प्रणाली को जल्द ही अन्तिम स्वरूप दिया जायेगा और शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोध पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष से इसे लागू किया जाएगा।

कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बैठक में कहा कि देश की नई शिक्षा नीति के दृष्टिगत कृषि शिक्षा पाठ्यक्रम तथा पद्धति में संशोधन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए इसे रोजगारपरक तथा व्यवसायमूलक बनाना जरूरी है। नई कृषि शिक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य कुशल एवं ज्ञानवान मानव संसाधन विकसित करना है। नई शिक्षा नीति में प्रायोगिक पाठ्यक्रम तथा व्यवसायिक प्रशिक्षण पर अधिक जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए कि छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रायोगिक ज्ञान एवं अनुभव भी मिलना चाहिए तथा उनमें उद्यमिता का विकास होना चाहिए। डॉ. चंदेल ने कहा कि नई शिक्षा पद्धति बाजार तथा उद्योगों की मांग पूरी करने में सक्षम होनी चाहिए। इसके अलावा यह अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करने में सहायक साबित हो।

बैठक में अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रायपुर डॉ. के.एल. नंदेहा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय डॉ. विनय पाडेय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे, संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक त्रिपाठी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. जी.के. श्रीवास्तव, कृषि शिक्षा सुधार समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. शॉ. एवं अन्य सदस्य तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं वैज्ञानिकगण उपस्थित थे। बैठक में ऑनलाईन मोड में विभिन्न कृषि महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं प्राध्यापकगण भी जुडे़ थे।

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