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शौर्य चक्र लेकर दिल्ली से लौटे शहीद के माता पिता का ग्रामीणों ने किया अभिनंदन

दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहीद पूर्णानंद की मां उर्मिला को बेटे की वीरता के लिए शौर्य चक्र देकर सम्मानित किया। शहीद पूर्णानंद साहू को शौर्य चक्र सम्मान प्राप्त होने पर गुरुवार को राजनांदगांव जिले के ग्राम जंगलपुर में गौरव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जिला प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांव के ग्रामवासियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

शहीद श्री पूर्णानंद साहू के पिता लक्ष्मण साहू एवं माता उर्मिला बाई साहू के जंगलपुर वापस आने पर इस गौरवमय क्षण में जिला प्रशासन एवं ग्रामवासियों द्वारा उनका फूल-मालाओं से अभिनंदन किया गया। अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय एवं एसडीएम हितेश पिस्दा ने शहीद पूर्णानंद साहू की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस क्षण जंगलपुर गांव भारत माता के जयकारे से गूंज उठा।शहीद  पूर्णानंद साहू के चाचा प्रकाश साहू, बहन ओनिषा साहू, डुमेश्वरी साहू, भाई निलेश साहू एवं एसडीओपी अजीत ओगरे, लालबाग थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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शहीद के माता पिता का अभिनंदन करते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी

बता दें कि 10 फरवरी 2020 को बीजापुर के पामेड़ थाना के ग्राम ईरापल्ली में क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान हेतु सीआरपीएफ के 204 कोबरा बटालियन के जवान निकले थे। पार्टी सर्चिंग करते आगे बढ़ रही थी कि हथियारबंद नक्सलियों द्वारा आटोमेटिक हथियार से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। सीआरपीएफ के 204 कोबरा बटालियन के आरक्षक पूर्णानंद साहू ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नक्सलियों की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया। गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के बाद भी पूर्णानंद साहू ने अंतिम सांस तक बड़ी जाबांजी से नक्सलियों के फायरिंग का जवाब देते रहे। नक्सली अपने आपको कमजोर पड़ता देख कर भाग खड़े हुये। मुठभेड़ घटना में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन 204 के आरक्षक श्री पूर्णानंद साहू सहित 2 जवान शहीद हो गये एवं 4 अधिकारी-कर्मचारी घायल हो गये। शहीद पूर्णानंद साहू अदम्य साहस एवं वीरता के लिए मराणोपरांत राष्ट्रपति द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

पूर्व सैनिक संगठन ने जताई नाराजगी

जब शहीद की मां एयरपोर्ट पर पहुंची तो न कोई प्रशासनिक अफसर हाल-चाल लेने आया। सीआरपीएफ के अफसरों ने भी सुध नहीं ली। इस व्यवस्था को लेकर पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई है। एयरपोर्ट पर शहीद के माता पिता काफी देर तक परेशान होते देख भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास ने अपनी कार से उनके गांव तक छोड़ने की व्यवस्था की। भूतपूर्व सैनिक संगठन से बृजमोहन ने बताया कि शौर्य चक्र हासिल करना कोई मामूली बात नहीं है। हम सेना से रिटायर्ड हैं, इसका महत्व समझते हैं इसलिए हम शहीद की मां का स्वागत करने यहां पहुंचे थे। सम्मान में सीआरपीएफ और प्रशासनिक अफसरों को भी आना चाहिए था। एक शहीद के परिवार का हौसला बढ़ाने के लिए हम इतना तो कर ही सकते हैं, आखिर उसने छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए अपनी जान दे दी।

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