Homeराज्यअब विदेशों में बिकेंगे दंतेवाड़ा नेक्सट में बने कपड़े

अब विदेशों में बिकेंगे दंतेवाड़ा नेक्सट में बने कपड़े

मुख्यमंत्री ने डेनेक्स कटेकल्याण यूनिट का किया निरीक्षण, कार्यरत महिलाओं से की मुलाकात

दंतेवाड़ा.गरीबी उन्मूलन और आर्थिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में काम करने वाला छत्तीसगढ़ राज्य देश के अन्य राज्यों के लिए एक बड़ा उदाहरण पेश कर रहा है। तभी तो जहां कभी नक्सलियों के गोलियों की आवाजें सुनायी देती थीं। वहीं आज खिलखिलाकर कर हंसते हुए लोगों की आवाजें सुनायी देती हैं। यह सब संभव हुआ डेनेक्स ब्रांड के खुलने से। छत्तीसगढ़ के डेनेक्स में बने कपड़ों की देश विदेश से डिमांड आ रही है।

भेंट मुलाकात अभियान के तहत सोमवार को कटेकल्याण पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में डेनेक्स एफपीओ एवं एक्सपोर्ट हाउस, तिरपुर के बीच पांचवी यूनिट को लेकर एमओयू हुआ। इस एमओयू के तहत डेनेक्स फैक्ट्री के पांचवे यूनिट छिंदनार में खुलेगा।

फैक्ट्री के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने डेनेक्स कपड़ा फैक्ट्री के श्रमिकों से मुलाकात की और फैक्ट्री के कार्य और उत्पाद को लेकर चर्चा भी की। उन्होने बताया कि डेनेक्स में तैयार कपड़ों की देश-विदेश में जबरदस्त मांग है। बता दें कि यहां आदिवासी महिलाओं ने 16 महीने में किया 50 करोड़ का व्यापार कर चुके हैं। दंतेवाड़ा के 800 लोगों को रोजगार मिला है।

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डेनेक्स मिल में कुर्ता देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल एवं सांसद दीपक बैज

वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक स्थापित डेनेक्स की चार यूनिट से कपडों का लाट बंगलुरू भेजा जा रहा था, लेकिन अब डेनेक्स ब्रांड की गूंज विदेशों में भी सुनायी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेनेक्स एफपीओ (किसान उत्पादक संघ) ने एक्सपोर्ट हाउस, तिरपुर से डेनेक्स की पांचवी यूनिट ‘छिंदनार’ से अगले 3 वर्षों के लिए एमओयू साइन किया है। इस एमओयू के बाद डेनेक्स की पांचवी यूनिट छिंदनार से तैयार होने वाले कपड़े यूके और यूएस के बाजार में भी नजर आएंगे।

हारम में पहली फैक्ट्री
अब से लगभग 16 महीने पहले छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य दंतेवाड़ा जिले में महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत हारम में नवा दन्तेवाड़ा गारमेन्ट फैक्ट्री की स्थापना की. ‘हारम’ में स्थापित पहली डेनेक्स फैक्टरी ने सफलता के कीर्तिमान गढ़ना शुरू कर दिया है। इसके बाद बारसूर,कारली और कटेकल्याण ग्राम में भी डेनेक्स यूनिट स्थापित हो चुकी हैं।चूंकि कपड़े का ब्रांड नेम होना जरूरी था तो यहां बने कपड़ों को ब्रांड नाम दिया गया ‘डेनेक्स’। डेनेक्स का अर्थ है ’दन्तेवाड़ा नेक्स्ट’। इस ब्रांड में दन्तेवाड़ा जिले की समृद्धि, परम्परा एवं संस्कृति की झलक दिखाई देती है।

16 महीने में 50 करोड़ का व्यापार

बीते 16 माह में ही डेनेक्स  की चार यूनिट से लगभग 50 करोड़ रूपए मूल्य के 6 लाख 85 हजार कपड़ों का लॉट बंगलुरु भेजे जा चुके हैं। जहां से इनका विक्रय पूरे देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक हो रहा है। दंतेवाड़ा नेक्स्ट के साये 800 महिलाएं आज प्रतिमाह 7000 रूपए से ज्यादा की आय अर्जित कर रही हैं।

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