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अब नामांतरण, बटांकन और सीमांकन के आवेदनों का अपडेट भुईंया ऐप पर मिलेगी

रायपुर . जमीन के नामांतरण, बटांकन और सीमांकन की अर्जी देने के बाद लोगों को तहसील कार्यालय और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे और न ही पटवारियों व आरआई के पीछे भागना पड़ेगा। नए कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद तहसीलों में आवेदनों की भुईंया ऐप पर ऑनलाइन एंट्री शुरू हो गई है। अब आवेदक घर बैठे भुइयां एप डाउनलोड कर वे उसमें फाइल के मूवमेंट की जानकारी ले सकेंगे।

पटवारियों और आरआई को अब जमीन के नामांतरण, बटांकन और सीमांकन के आवेदन मिलते ही उसकी ऑनलाइन एंट्री करनी होगी, ताकि एक नजर में आम लोगों को जानकारी हो कि उनके आवेदन कहां अटके हैं। इसके लिए कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने एक लाइन का आदेश जारी किया है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो सीधी कार्रवाई होगी। इस आदेश के बाद पिछले 15 दिनों में ही 4500 से ज्यादा एंट्री हो गई, जबकि पहले छह महीने में 2000 एंट्री भी नहीं होती थी। इस मामले में कलेक्टर ने एक रीडर की वेतन वृद्धि भी रोक दी है।

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आवेदक घर बैठे ये भी जान सकते हैं कि उनकी फाइल पर क्या कार्रवाई हो चुकी है और अगर फाइल कहीं अटकी है तो क्यों? इतना ही नहीं, तहसील कोर्ट में जो प्रकरण दर्ज किए गए हैं, उनकी अगली सुनवाई कब होगी? कौन सी तारीख को कितने बजे उन्हें तहसीलदार कोर्ट में उपस्थित होना है? ये सब जानकारी मोबाइल पर ही मिल जाएगी। कलेक्टर ने दो टूक कहा है कि सभी सतर्क रहें।

जमीन या राजस्व मामलों के आवेदनों की फाइलें बढ़ने की वजह से एसडीएम और तहसीलदारों को भी सुनवाई करने में दिक्कत हो रही थी। किसी भी प्रकरण की सुनवाई के लिए उन्हें पहले फाइलें ढूंढनी पड़ती थी फिर उसकी स्टडी करनी पड़ती थी। अब ऑनलाइन इंट्री होने की वजह से कभी भी प्रकरण को पूरा पढ़ने के साथ ही उसकी सभी जानकारी ली जा सकती है। ऐसे में सुनवाई के दिन के अलावा भी अफसर कभी भी उस मामले को देख सकते हैं और पढ़ सकते हैं? इससे फैसला करने के साथ ही मामलों की सुनवाई करने में भी आसानी हो रही है। यही वजह है कि कलेक्टर ने ऑनलाइन इंट्री को लेकर अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं।

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