Homeनिकायजन्माष्टमी पर रुद्राक्ष, बरगद, पीपल जैसे धार्मिक महत्व के पौधे रोपकर किया...

जन्माष्टमी पर रुद्राक्ष, बरगद, पीपल जैसे धार्मिक महत्व के पौधे रोपकर किया कृष्ण- कुंज का शुभारंभ

  • 2 हजार 313 पौधों के साथ, जिले के 9 कृष्ण कुंज का हुआ शुभारंभ
  • स्थानीय लोगों ने कृष्ण कुंज को ऑक्सीजन जोन की दी संज्ञा
  • कृष्ण कुंज में 33 प्रकार के पौधों को किया गया रोपित,जिसमें रुद्राक्ष, बरगद, पीपल जैसे धार्मिक महत्व रखने वाले पौधें भी शामिल

दुर्ग .कृष्ण जन्माष्टमी पर पांच बिल्डिंग दुर्ग में विधायक अरुण वोरा ने हरित पहल करते हुए कृष्ण कुंज का शुभारंभ किया गया। जिले के सभी 9 कृष्ण कुंज में शुक्रवार को रुद्राक्ष, बरगद, पीपल जैसे धार्मिक महत्व रखने वाले कुल 2 हजार 313 पौधों का पौधारोपण किया गया। इसके लिए 3.96 हेक्टेयर (9 एकड़ ) भूमि का रकबा, नगरीय निकाय में कृष्ण कुंज के लिए चिन्हित किया गया था।जिसमें पौधारोपण कर हरियाली की छंटा को बिखेरी गयी। स्थानीय लोगों ने कृष्ण कुंज को ऑक्सीजन जोन की दी संज्ञा।

इस अवसर पर दुर्ग के विधायक अरुण वोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 26 जनवरी को कृष्ण कुंज बनाने की घोषणा की गई थी जिसने आज कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अपना मूर्त रूप लिया, राज्य शासन छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व पटल पर ले जाने का कार्य कर रही है। आज कृष्ण कुंज के माध्यम से हम अपनी भावी पीढ़ी को शुद्ध एवं स्वच्छ वातावरण देने का प्रयास कर रहे हैं और इसे ही भावी पीढ़ी को संजों और संरक्षित कर आगे बढ़ाना है।

Chhattisgarh
विधायक अरुण वोरा, मेयर धीरज बाकलीवाल की मौजदूगी में नीम का पौधा लगाते हुए आयुक्त प्रकाश सर्वे

नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज के लिए जगह आरक्षित

दुर्ग के अंतर्गत 9 नगरी निकायों में कृष्ण कुंज का चिन्हांकन किया गया है। यह कृष्ण कुंज 5 बिल्डिंग तितुरडीह, दुर्ग, कृष्ण कुंज अटारी पाटन, कृष्ण कुंज उतई, कृष्ण कुंज कुरूद, कृष्ण कुंज भिलाई-3, कृष्ण कुंज जामुल वार्ड-18, कृष्ण कुंज धमधा वार्ड 01 नया तालाब, कृष्ण कुंज वार्ड-01 परसदा कुम्हारी, कृष्ण कुंज बानबरद अहिवारा  में स्थापित हैं।

कृष्ण कुंज में 33 प्रकार के पौधे लगाए गए 

सभी 9 कृष्ण कुंज में रुद्राक्ष, बरगद, पीपल धार्मिक महत्व रखने वाले पौधों के साथ-साथ फलदार वृक्ष, चिकित्सीय गुण रखने वाले 33 प्रकार के पौधों का  पौधारोपण किया गया।इन पौधों में 127 आम ,73 इमली ,157 गंगा इमली  ,181जामुन ,35 बेर , 14 गंगा बेर , 142 शहतूत,15 तेंदू , 116चार , 34 अनार, 30  गुड़हल,  88 कदम्ब ,68 पीपल , 166 नीम , 56 बरगद ,152 अमरुद , 147 सीताफल , 40बेल , 182आंवला , 9 कचनार ,9 बहेडा , 14 महुआ  , 2 करंज , 11काजू , 114 मौल श्री ,  33 अमरूद ,  25 बेल , 140 बादाम , 30 डूमर ,34 रामफल , 23 लक्ष्मण फल , 22 रुद्राक्ष , 24 परिजात के पौधे शामिल हैं।

Chhattisgarh

स्थानीय लोग कृष्ण कुंज को बता रहे हैं, ऑक्सीजन जोन

कृष्ण कुंज में विविध प्रकार के पौधों से स्थानीय लोग प्रभावित होकर इसे उस स्थल की क्षेत्र परिधि का ऑक्सीजन जोन  कह रहे हैं। कृष्ण कुंज के पास के स्थानीय लोग इसे पर्यावरण के दृष्टिकोण से शासन का सकारात्मक कदम बता रहे हैं।कृष्ण कुंज के आज के कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन तथा वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा भी वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में महापौर धीरज बाकलीवाल, संभाग आयुक्त  महादेव कावरे, कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा,डीएफओ शशि कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव, जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, दुर्ग नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे व अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी गण उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

error: Content is protected !!