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नगरीय निकायों में मोर शहर, मोर जिम्मेदारी अभियान

  • नगरीय निकायों में चलाया जाएगा मोर शहर, मोर जिम्मेदारी अभियान
  • शहरी गौठानों में गोसेवा के लिए बनेगा गौकोश
  • प्रबुद्ध नागरिकगण इसके लिए दे सकते हैं दान

दुर्ग. नगरीय निकायों को स्वच्छ सुंदर बनाने की पहल को लेकर प्रशासन ने दो बड़े निर्णय आज लिये। नगरीय निकायों में मोर शहर, मोर जिम्मेदारी अभियान चलाया जाएगा। इसमें प्रबुद्ध नागरिकगण अपने मोहल्ले के चौक-चौराहों को सुंदर बनाये रखने सहयोग करेंगे।

इसके अलावा शहरी गौठानों में गोसेवा के लिए गौकोश बनाया जाएगा, इसमें नागरिकगण अपना आर्थिक सहयोग कर सकेंगे। जिसे गायों के रख-रखाव के लिए खर्च किया जाएगा। कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने यह निर्देश समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये। बैठक में अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई, अरविंद एक्का, डीएफओ शशि कुमार, भिलाई निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर, दुर्ग निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

चौक-चौराहों की लेंगे जिम्मेदारी

कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने कहा कि अपने शहर को स्वच्छ सुंदर बनाये रखना प्रशासन के साथ ही नागरिक के रूप में हम सबकी जिम्मेदारी भी है। जनभागीदारी से शहर को स्वच्छ सुंदर बनाने के हमारे संकल्प को पूरा करने की दिशा में काफी सहयोग मिल सकता है। इसके लिए सार्वजनिक जीवन में प्रबुद्ध लोग जो अपने परिवेश को सुंदर बनाने की दिशा में सहयोग करना चाहते हैं उनसे सहयोग लिया जा सकता है।

चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण में तथा मेंटेंनेंस में होने वाले खर्च की राशि के लिए नागरिकगण सहयोग दे सकते हैं। इसके लिए निगम के अधिकारी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय प्रबुद्ध दानशील लोगों से संपर्क करें और इन्हें प्रेरित करें। कालोनियों में रेसीडेंशियल सोसायटी के पदाधिकारी मिलकर यह कार्य कर सकते हैं।

 

वे ऐसे स्थलों का चिन्हांकन भी कर सकते हैं जहां ब्यूटीफिकेशन संभव है और इसके लिए वे प्रस्ताव दे सकते हैं और खर्च का वहन भी कर सकते हैं। इसके साथ ही श्रमदान अभियान चलाकर प्रशासन और नागरिक समुदाय भी स्वच्छता के लिए बड़ी पहल कर सकता है।
गौकोश बनेगा, गौठानों में मवेशियों के लिए उचित इंतजाम करने में मिलेगी मदद- कलेक्टर ने कहा कि नगरीय निकायों में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था बनाये रखने के लिए जरूरी है कि मवेशियों को शहरी गौठानों में रखने की व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।

 

नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में मवेशी विचरण करते हैं। इन्हें गौठानों में रखने और उचित प्रबंधन का कार्य प्रशासन कर रहा है। नागरिक भागीदारी से इस कार्य को और भी बल मिलेगा। जो भी नागरिक चाहें स्वेच्छा से अपनी सहयोग राशि गौकोष में दे सकता है। इसके लिए एकाउंट नंबर की जानकारी शीघ्र ही दी जाएगी। इसके साथ ही गौकोश में आवक एवं व्यय की राशि का पूरा रिकार्ड पारदर्शी रूप से रखा जाएगा जिसे नागरिकगण देख सकेंगे। प्राप्त आय को गौठान में ही मवेशियों के उचित इंतजाम के लिए खर्च किया जाएगा।

प्रशासन तुंहर द्वार, बढ़ेगी ग्रामीण सचिवालय की सक्रियता- कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के तेजी से निराकरण के लिए प्रशासन तुंहर द्वार अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर ही जनदर्शन का आयोजन होगा। इसमें जिस पंचायत में जनदर्शन आयोजित होना रहेगा, उसमें महीने भर पहले ग्रामीणों से मांगों और समस्याओं के आवेदन लिये जाएंगे।

 

जिन आवेदनों का निराकरण पंचायत स्तर पर संभव हो सकेगा, उन्हें वहीं हल किया जाएगा। संभव नहीं होने पर ब्लाक स्तर एवं जिला स्तर के अधिकारियों के पास आवेदन की प्रकृति के अनुसार फारवर्ड किया जाएगा। महीने भर की अवधि के पश्चात कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारी ग्राम पंचायत पहुंचकर आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करेंगे।

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