Homeदेशप्रधानमंत्री भारत के लिए रवाना, US ने लौटाईं 157 कलाकृतियां

प्रधानमंत्री भारत के लिए रवाना, US ने लौटाईं 157 कलाकृतियां

नई दिल्ली @ news-36. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा शनिवार रात खत्म हो गया। वे न्यूयॉर्क से भारत के लिए रवाना हो गए हैं। अमेरिका ने मोदी को 157 कलाकृतियां लौटाई हैं। यह कलाकृतियां कई शताब्दी पुरानी हैं, जिन्हें तस्करी कर अमेरिका ले जाया गया था।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया। इस इवेंट के लिए PM मोदी आज ही अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी से न्यूयॉर्क पहुंचे थे। उन्होंने UNGA के 76वें समिट में भाषण की शुरुआत नमस्कार साथियों कहकर की। भाषण को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद संभालने के लिए अब्दुल्ला को बधाई। यह विकासशील देशों के लिए गौरव की बात है। पिछले डेढ़ साल से हम 100 साल बाद आई सबसे बड़ी महामारी का सामना कर रहे हैं। ऐसी महामारी में जीवन गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देता हूं।


पीएम मोदी ने चाणक्य को कोट करके UN पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने सदियों पहले कहा था। जब सही समय पर सही काम नहीं किया जाता तो समय ही उस काम की सफलता को नाकाम कर देता है। इसलिए, संयुक्त राष्ट्र को खुद में सुधार करना होगा। कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों को कोविड, आतंकवाद और अफगान संकट ने और गहरा कर दिया है।


हिंद-प्रशांत में ओपन ट्रेड की वकालत करते हुए मोदी ने कहा कि हमारे समंदर हमारी साझी विरासत हैं। इन्हें विस्तार और ताकत के जोर से कब्जा करने से बचाना होगा। दुनिया को एक सुर में आवाज उठानी होगी। सुरक्षा परिषद में भारत की अध्यक्षता के दौर में भारत की पहल इस बारे में इशारा करती है।देश में चल रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एक ही दिन में करोड़ों डोज लगाए जा रहे हैं। भारत सीमित संसाधनों के बावजूद वैक्सीन डेवलपमेंट में जी जान से जुटा है।

हमने पहली DNA वैक्सीन डेवलप कर ली है। इसे 12 साल से ऊपर के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। एक RNA वैक्सीन और एक नेजल वैक्सीन तैयार की जा रही है। भारत ने जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देना फिर शुरू कर दिया है। मैं दुनिया के वैक्सीन मैन्युफैक्चरर्स से कहना चाहता हूं। कम मेक वैक्सीन इन इंडिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल चैन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना से दुनिया को सबक मिला है कि वैश्विक व्यवस्था को और विकेंद्रित किया जाए। ग्लोबल चेन वैक्सीनेशन जरूरी है। डेमोक्रेसी के साथ टेक्नोलॉजी भी जरूरी है। भारतीय मूल के डॉक्टर या प्रोफेशनल्स किसी भी देश में रहें, उन्हें हमारे मूल्य मानवता की सेवा करने का लक्ष्य देते रहते हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं अपने अनुभव से कह रहा है कि यस डेमोक्रेसी केन डिलेवर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय कहा करते के एकात्म मानववाद पूरी मानवता का विचार है। अंत्योदय का विचार है। विकास सर्वसमावेशी और सर्वव्यापी हो या सबके लिए उपलब्ध हो। हमने 7 वर्षों में 43 करोड़ लोगों को बैंकिंग से जोड़ा है। 50 करोड़ लोगों को क्वालिटी हेल्थ सेक्टर से जोड़ा है।


मोदी ने कहा कि बड़ी-बड़ी संस्थाओं ने माना है कि नागरिकों के लिए जमीन का रिकॉर्ड होना जरूरी है। दुनिया में कई देशों में ऐसे लोग हैं, जिनके पास जमीन का रिकॉर्ड नहीं है। हम भारत में ड्रोन से मैपिंग कराकर लोगों को जमीन का रिकॉर्ड दे रहे हैं। इससे लोगों को बैंक लोन और ऑनरशिप दिला रहे हैं। विश्व का हर 6वां व्यक्ति भारतीय है। जब भारत विकास करता है तो दुनिया का विकास होता है। व्हेन इंडिया रिफॉर्म वर्ल्ड ट्रॉसफॉर्म।


मोदी ने गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की पंक्तियों के साथ भाषण खत्म किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने कहा था- अपने शुभ कर्म पथ पर निर्भीक होकर आगे बढ़ो, सफलता आपके साथ होगी। मुझे भरोसा है कि हम सबका प्रयास विश्व में शांति और सौहार्द बढ़ाएगा। विश्व को स्वस्थ और सुंदर बनाएगा। मोदी के भाषण के दौरान UNGA विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रिंगला और अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू और एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे।

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