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मुख्यमंत्री निवास में भव्य रूप में मनाया जाएगा पोला एवं हरतालिका तीज उत्सव

  • छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्यौहार ‘पोला व तीजा‘ 27 को
  • मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की परम्परा और रीति रिवाज के अनुसार की गई है साज सज्जा 
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्योहार पोला एवं तीज को हर साल की तरह इस साल भी भव्य रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री निवास में तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। हरेली पर्व की तरह ही निवास को पारंपरिक त्योहार के लिए सजाया गया है। तीजा महोत्सव के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों से तीजहारिन माताओं एवं बहनों को मुख्यमंत्री निवास के लिए आमंत्रित किया गया है।

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नंदी बैल की पूजा के साथ मनाया जाएगा पोला उत्सव

मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की परम्परा और रीति रिवाज के अनुसार साज सज्जा की गई है। मुख्यमंत्री निवास में पहले पोला पर्व का आयोजन होगा। इस मौके पर नंदी बैल की पूजा की जाएंगी। इसी के साथ ही यहां पर तीजा महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। इसके बाद बहनों द्वारा करूभात (करेला की सब्जी)खाने की रस्म पूरी की जाएंगी। छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल जैसे कबड़डी, फुगड़ी, खो-खो, पिटठूल खेलों का आयोजन किया जाएगा।

खेती किसानी से जुड़ा है यह पर्व

छत्तीसगढ़ का पोरा तिहार मूल रूप से खेती किसानी से जुड़ा पर्व है। खेती किसानी में बैल और गौवंशी पशुओं के महत्व को देखते हुए इस दिन उनके प्रति आभार प्रकट करने की परंपरा है। छत्तीसगढ़ के गांवों में इस पर्व में बैलों को विशेष रूप से सजाया जाता है। उनकी पूजा की जाती है।

इस दिन बनता है विशेष पकवान

इस मौके पर घरों में बच्चे मिट्टी से बने नंदी बैल और बर्तनों के खिलौनों से खेलते हैं। घरों में ठेठरी, खुरमी, गुड़चीला, गुलगुला, भजिया जैसे पकवान तैयार किए जाते हैं। गांवों में बैल दौड़ उत्सव मनाया जाता है।

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हरतालिका तीज
छत्तीसगढ़ में तीजा (हरतालिका तीज) की विशिष्ट परम्परा है, तीजहारिन महिलाएं तीजा मनाने ससुराल से मायके आती हैं। तीजा मनाने के लिए बेटियों को पिता या भाई ससुराल से लिवाकर लाते है। छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व की इतना अधिक महत्व है कि बुजुर्ग महिलाएं भी इस खास मौके पर मायके आने के लिए उत्सुक रहती हैं। महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए तीजा पर्व के एक दिन पहले करू भात ग्रहण कर निर्जला व्रत रखती हैं। तीजा के दिन बालू से शिव लिंग बनाया जाता है, फूलों का फुलेरा बनाकर साज-सज्जा की जाती है और महिलाएं भजन-कीर्तन कर पूरी रात जागकर शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं।

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छत्तीसगढ़ की परंपरा एवं रीति रिवाज के अनुसार पोला तिहार को लेकर मुख्यमंत्री निवास की गई है साज-सज्जा

त्यौहारों की एक समृद्ध परम्परा

छत्तीसगढ़ में तीज, त्यौहारों की एक समृद्ध परम्परा है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के सरंक्षण और संर्वधन के लिए प्रदेश में हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, छठ पूजा और विश्व आदिवासी दिवस के दिन न केवल सार्वजनिक अवकाश की शुरुआत है, बल्कि इन लोक पर्वों के महत्व से आने वाली पीढ़ी को जोड़ने के लिए इन्हें जन सहभागिता से पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। स्थानीय त्यौहारों को जन सहभागिता के जोड़कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ की संस्कृति का संवर्धन एवं संरक्षण करने का प्रयास किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक पर्व तीजा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने सभी तीजहारिन माताओं और बहनों के प्रति अपनी शुभकामनाएं प्रकट की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ में तीज, त्यौहारों की एक समृद्ध परम्परा है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के सरंक्षण और संर्वधन के लिए प्रदेश में हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, छठ पूजा और विश्व आदिवासी दिवस के दिन न केवल सार्वजनिक अवकाश की शुरूआत की है,  बल्कि इन लोक पर्वों के महत्व से आने वाली पीढ़ी को जोड़ने के लिए इन्हें जन सहभागिता से पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व का अपना विशेष महत्व है। छत्तीसगढ़ में भादों माह की अमावस्या तिथि को पोला तिहार मनाए जाने के बाद हरतालिका तीजा पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है, महिलाएं तीजा मनाने ससुराल से मायके आती हैं। महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए तीजा पर्व के एक दिन पहले करूभात ग्रहण कर निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुहागिन स्त्रियों को शिव-पार्वती अखंड सौभाग्य का वरदान देते हैं, वहीं कुंवारी लड़कियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख, समृद्धि की कामना की है।

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