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Politics: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रावत ने दिया इस्तीफा, अध्यक्ष नड्डा को लिखे पत्र में ये बातें कही

न्यूज डेस्क @ news-36.सियासी गलियारे में चल रही चर्चा के बीज से खबर आ रही है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ताजा राजनीतिक हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा पेश कर दिया है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि उनका इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं।मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात के बाद अपने इस्तीफा दिया है।बता दें कि तीरथ सिंह रावत ने 10 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। 

तीन दिनों से दिल्ली में है रावत
मुख्यमंत्री रावत पिछले तीन दिनों से दिल्ली में डेरा जमाए हुए थे। पिछले 24 घंटों के भीतर दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के दिल्ली स्थिति आवास में मुलाकात की थी। मुलाकातों के इस दौर से प्रदेश में एक और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें आरंभ हो गई थी।
एक वर्ष से कम समय है विस चुनाव में
उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में एक वर्ष से भी कम का समय बचा है और अपने पद पर बने रहने के लिए रावत का 10 सितम्बर तक विधानसभा सदस्य निर्वाचित होना संवैधानिक बाध्यता है। रावत पौड़ी लोकसभा सांसद क्षेत्र के सांसद है। संगठन के साथ उत्तराखंड के भाजपा विधायकों ने उन्हें विधायक दल का नेता चुना था और 10 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभाला था।

नड्डा को लिखे पत्र में यह बात कही
सूत्रों के अनुसार तीरथ सिंह रावत ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को दिए खत में कहा है कि वे जनप्रतिधि कानून की धारा १९१ ए के तहत छह माह की तय अवधि में चुनकर नहीं आ सकते। रावत ने कहा, ‘मैं छह महीने के अंदर दोबारा नहीं चुना जा सकता। ये एक संवैधानिक बाध्यता है। इसलिए अब पार्टी के सामने मैं अब कोई संकट नहीं पैदा करना चाहता और मैं अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर रहा हूं। आप मेरी जगह किसी नए नेता का चुनाव कर लें।’

मीडिया से ये कहा
राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से मुलाकात के बाद रावत ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि उन्होंने भाजपा अध्यक्ष से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की। उनसे उपचुनाव के संबंध में जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह विषय निर्वाचन आयोग का है और इसके बारे में कोई भी फैसला उसे ही करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस बारे में जो भी रणनीति तय करेगा उसे आगे धरातल पर उतारा जाएगा।

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