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महिला एवं बाल विकास विभाग के मामले ने पकड़ा तूल, राज्यसभा सांसद पाण्डे ने भ्रष्टाचार को लेकर उठाई आवाज

रायपुर @ news-36.महिला बाल विकास का मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर राज्य सभा संासद डॉ सरोज पांडेय ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री को पद हटाए जाने की मांंग भी की है। सांसद पांडेय का कहना है कि, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश सरकार का ढाई साल का कार्यकाल एक माह बाद पूरा होने जा रहा है, लेकिन इन ढाई सालों में राज्य में जिस तरह भ्रष्ट्राचार पनपा है, इसी की बानगी है कि अब सरकार के एक अधिकारी को इस भ्रष्ट्राचार के खिलाफ अनशन पर बैठना पड़ रहा है।
राज्यसभा सांसद और भाजपा की वरिष्ठ नेता सरोज पाण्डे यह बात पत्रकारों से हुई वर्चुअल चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी जिस प्रकार अनशन पर बैठे, भ्रष्ट्राचार की शिकायत करने पर भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। यह भूपेश सरकार के कार्यकाल में हो रहे भ्रष्ट्राचार की पोल खोलता है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश सरकार ने यह कैसा प्रदेश बना दिया जहां एक सरकारी अधिकारी ही भ्रष्ट्राचार के खिलाफ अनशन कर रहा है। संभवत: राज्य का यह पहला मामला है जब एक सरकारी अधिकारी को अनशन करना पड़ रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी सुधाकर बोदले जिन्होंने महासमुंद जिले में विभाग में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और स्कूलों में दिए जाने वाले रेडी टू इट योजना में 2020 में हुए 30 लाख से अधिक के बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया है।
अब उन्हें ही भ्रष्ट्र तंत्र के खिलाफ अनशन करना पड़ रहा है। यही नहीं भ्रष्ट्राचार की शिकायत करने वाले इस अधिकारी को ही अब सरकार प्रताडि़त कर रही है। यह राज्य की भूपेश सरकार के लिए अफसोसजनक है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के द्वारा करवाई जानी चाहिए। साथ ही भ्रष्ट्राचार को उजागर करने वाले अनशन पर बैठे अधिकारी को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाना चाहिए यह भारतीय जनता पार्टी माँग करती है।
छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की भूपेश सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश को भ्रष्ट्राचार के रंग में ऐसा रंग दिया है कि यह राज्य सरकार कांग्रेस पार्टी के लिए एक फांयनेंसर की भूमिका निभा रही है। हाल ही में हुई असम विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस ने वहाँ का प्रभारी बनाकर भेजा जहां उन्होंने भ्रष्ट्राचार के पैसे की गंगा बहा दी लेकिन उसके बाद भी वहां जीत हासिल नहीं कर सके। यही नहीं भूपेश बघेल सरकार कांग्रेस पार्टी के लिए फायनेंसर का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल में दूरदर्शिता की कमी है। यही कारण है कि आज पूरा प्रदेश बेहाल है। वर्चुअल प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेंडी और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत भी इस उपस्थित रही।

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