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मां को याद कर बंद कमरे में तीन दिनों तक सिसकती रही मासूम,आरोपी नाबालिग पापा को करता रहा गुमराह

लखनऊ के पीजीआई पुलिस ने मां की गोली मारकर हत्या करने वाले नाबालिग के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर बाल संरक्षण गृह भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी नाबालिग के दादी की शिकायत पर केस दर्ज किया है।

वहीं आरोपी से बुधवार को पीजीआई थाने में पिता का आमना-सामना हुआ। इस दौरान पिता के मुंह से सिर्फ यही निकला, बेटे तूने ये क्या किया…। फिर उनकी आंखें भर आईं, वहीं बेटा उन्हें एकटक देखता रहा। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। कुछ देर बाद पिता से बोला, ‘तुम भी तो ध्यान नहीं देते थे।’ बेटे को मां की हत्या का कोई गम नहीं था।

पिता से बोला- तुम भी तो नहीं देते थे ध्यान
पत्नी साधना की मौत की जानकारी पाकर बुधवार को नवीन सिंह लखनऊ स्थित आवास पहुंचे। तब जाकर पुलिस उनके बेटे को थाने ले जा चुकी थी। थाने पहुंचे नवीन ने बेटे से पूछा, तुमने ऐसा क्यों किया तो उसका जवाब था कि तुम भी तो मुझ पर ध्यान नहीं देते थे और मां आए दिन भूखा रखती थी। इसके अलावा मारती थी और चोरी का इल्जाम भी लगाया था, जबकि वो पैसे अलमारी में ही रखे मिल गए थे, लेकिन मां ने मेरी एक न सुनी और हाथ जला दिया था।

नाबालिग ने जुर्म कबूल किया

थाने में नाबालिग ने जुर्म कुबूलते हुए बताया कि मां उसे पबजी खेलने से मना करती और पढ़ने के लिए कहती थी। हत्या के तीन दिन तक वह मां का शव घर में छिपाए रहा और उसे केमिकल से गलाने का भी प्रयास किया। नाबालिग ने छोटी बहन को भी धमकी दी थी कि उसने पुलिस या किसी को बताया तो उसे भी गोली मार देगा। नाबालिग से पूरा परिवार परेशान था। कई बार उसे ननिहाल भेजा गया, लेकिन वहां भी उसकी हरकतों के चलते कुछ समय बाद लौटा दिया गया। कई स्कूलों से भी उसका नाम काटा गया। किसी तरह साउथ सिटी के स्कूल में 10वीं में उसका प्रवेश कराया गया। नाबालिग एक साल पहले घर से भाग गया था और जब पैसे खत्म हो गए तो लौट आया था।

बता दें कि नवीन सिंह बनारस के रहने वाले हैं। वह सेना में जेसीओ हैं। उनकी आसनसोल में पोस्टिंग है। पीजीआई क्षेत्र के पंचमखेड़ा स्थित यमुनापुरम कॉलोनी में उनकी पत्नी साधना, 17 साल का बेटा और नौ साल की बेटी रहती थी। शनिवार रात करीब तीन बजे बेटे ने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से मां की गोली मारकर हत्या कर दी। इसका खुलासा मंगलवार रात करीब 9.30 बजे हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साधना के सिर में एक गोली आर-पार होने का रिपोर्ट आया है।

दिनभर खेलता था पबजी

आस-पास रहने वालों का भी कहना है कि नाबालिग दिनभर मोबाइल पर पबजी व क्रिकेट खेलता था। इसे लेकर मां अक्सर उसे डांटती थी। कई बार उसे रोड पर पीटा भी था। पड़ोसियों का कहना है कि सरल स्वभाव की साधना मिलनसार थी और अकसर लोगों की मदद करती थीं। नवीन सिंह की मां छोटे बेटे के साथ इंदिरापुरम चरण भट्ठा में रहती है। उनका कहना था कि पोते ने पूरा घर बर्बाद कर दिया। वहीं, बनारस से आए साधना के माता-पिता को नाती की हरकत पर यकीन नहीं हो रहा था।

डर लगा तो दोस्त को बुलाया,और पार्टी की
पुलिस के सामने नाबालिग ने मां की हत्या की पूरी कहानी आराम से बता दी। जब पुलिस ने पूछा कि तीन दिन में उसे डर नहीं लगा तो बोला- रविवार देर रात को डर लगा तो मां के कमरे को बंद कर दिया। फिर दोस्त को कॉल कर बताया कि मां बाहर गई है। वह बहन के साथ घर पर है। दोनों डर रहे हैं, तुम आ जाओ। इस पर दोस्त पूरी रात उनके साथ रहा और सुबह अपने घर चला गया। इस दौरान नाबालिग ने बहन को धमकी दी थी कि उसके दोस्त से कोई बात नहीं करेगी।

पापा को गुमराह करता रहा बेटा
नवीन सिंह ने रविवार को साधना के मोबाइल पर कई बार कॉल की, पर फोन न उठ। तब उन्होंने पड़ोसी को घर भेजा, लेकिन बाहर का गेट अंदर से बंद था। इस वजह से वह घर के अंदर नहीं पहुंच पाए। इससे परेशान नवीन ने ट्रयूशन टीचर से संपर्क किया और घर जाकर देखने कहा। उनके कहने पर ट्रयूशन टीचर भी गया। बेल बजाया, लेकिन घर से कोई बाहर नहीं निकला। इस तरह की हरकत से नवीन सिंह परेशान होते रहे और साधना के नंबर पर फोन लगाते रहे। लगातार पिता की कॉल आती देख बेटे ने व्हाट्सएप पर जवाब देना शुरू किया। वह मां के शब्दों में नवीन को जवाब देता रहा। कहा- आपसे बात नहीं करूंगी। नाराज हूं। सोमवार को भी नवीन के हर कॉल का जवाब मेसेज से ही देता रहा। उधर, नवीन भी यही समझते रहे कि उनकी पत्नी जवाब दे रही है। मंगलवार को जब बाडी डीक्म्पोज होने लगी तब बदबू से परेशान हुआ तब आरोपी नाबालिग ने स्वयं पिता को फोन कर मां की किसी के द्वारा हत्या कर देने की जानकारी दी।

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