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एसपी ने दुर्गोत्सव समितियों को बताए नियम, गड़बड़ी होने पर समिति होंगे जिम्मेदार

  • पुलिस अधीक्षक ने 50 से अधिक छोटे-बड़े दुर्गा उत्सव समितियों की ली गई बैठक
  •  निर्धारित तिथि पर करना होगा विसर्जन
  • मेला के लिए जिला प्रशासन से अनुमति अनिवार्य

दुर्ग. अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अरविंद एक्का और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर संजय कुमार ध्रुव ने शुक्रवार को  शहर के दुर्गोत्सव समितियों के पदाधिकारियों की बैठक ली। जहां अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अरविंद एक्का ने शांति पूर्ण ढंग से दुर्गोत्सव मनाने के लिए तय मापदंड के अनुसार पांडाल बनाने, पार्किंग की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, निर्धारित समय पर पूजा और मेला स्थल की तैयारी के संबंध में विस्तार से चर्चा की। समितियों को 19 बिन्दुओं पर जारी नियमों का अक्षरशः पालन करने कहा। पालन नहीं किए जाने पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने समिति के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अरविंद एक्का ने कहा कि नवरात्रि में शहर में कई स्थानों पर दुर्गा पाण्डाल बनाया जाएगा। जहां मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 19 बिन्दुओं पर नियमावली तैयार की गई है। जिसके बारे में दुर्गोत्सव समिति के पदाधिकारियों को जानकारी दी गई है और नियम का पालन करते हुए दुर्गोत्सव मनाने कहा गया।

इन शर्तों पर मिलेगी दुर्गा पांडाल बनाने की अनुमति

1 दुर्गा पूजा समिति अनुमति प्राप्त करके ही कार्यक्रम करेंगी ।
2 दुर्गा पूजा समिति पर्याप्त संख्या में वालेन्टियर्स रखेंगी , वालेन्टियर्स पहचान पत्र व बैच लगाना सुनिश्चित करेंगे ।
3 कार्यपालिक दण्डाधिकारी की अनुमति प्राप्त करके निर्धारित समय तक ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करना सुनिश्चित करेंगे । डीजे संचालक माननीय न्यायालय के गाईड लाईन का पालन करते हुए डीजे का उपयोग करेंगे ।
4 सभी समिति पण्डाल एवं कार्यक्रम स्थल में सी.सी.टी.व्ही . कैमरा लगाया जाना एवं रिकार्डिंग रखना सुनिश्चित करेंगे ।
5 रात्रि में पण्डाल में समिति के सदस्यगण ही सुरक्षा हेतु उपस्थित रहेंगे , इसके अलावा कोई अन्य सदस्य होने पर थाने को सूचित करेंगे ।
6 पण्डाल की सुरक्षा की सम्पूर्ण जवाबदारी समिति के पदाधिकारियों / सदस्यों की होगी ।
7 पण्डाल के आस – पास चारों ओर समुचित प्रकाश की व्यवस्था , साथ ही पार्किंग स्थल पर भी प्रकाश की व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित करेंगे ।
8 समितियां पण्डाल में पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित करेंगी ।
9 समितियां इमरजेन्सी नंबर व पुलिस थाना व अधिकारियों के नंबर के फ्लैक्स बनाकर कम से कम दो या तीन स्थानों पर लगायेंगी ।
10 समिति के समस्त सदस्यों व वालेन्टियर्स का थाना स्तर पर वेरीफिकेशन कराया जाए , इनका पूर्व अपराधिक रिकार्ड न हो , साथ ही नाम , पता , मोबाईल नंबर की सूची थाने को उपलब्ध करायेंगें ।
11 समितियां इस बात का ध्यान रखेंगी कि सुबह एवं शाम पूजा एक निर्धारित समय पर हो ।
12 दुर्गा विसर्जन के दौरान कम से कम संख्या में वालेन्टियर्स विसर्जन स्थल तक जाएं ।
13 विसर्जन निर्धारित तिथि अथवा समय पर ही विसर्जन कराया जाना सुनिश्चित करें ।
14 समिति के द्वारा जिस टेंट अथवा साउन्ड सिस्टम वालों को हायर किया गया है ।थाना प्रभारी पूर्व से नोटिस जारी कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय का गाइड लाइन का पालन करेंगे ।
15 दुर्गा पण्डाल के आसपास बिना अनुमति मेला का आयोजन नहीं किया जाए ।
16 मेला आयोजन स्थान पर आसपास बिजली के तार न हो ।
17 मेला आयोजनकर्ता सुरक्षा की मापदण्डों को ध्यान में रखते हुए विधिवत अनुमति प्राप्त करना होगा। इसके बाद झूला इत्यादि मनोरंजानात्मक उपकरणों का संचालन करेंगे ।
18 दुर्गा पण्डाल समितियों के द्वारा गुफा / झांकी तैयार किए जाने पर पर्याप्त मात्रा में प्रवेश द्वार एवं निर्गम की व्यवस्था बनाना सुनिश्चित करेंगे ।
19 दुर्गा पण्डाल के आसपास आयोजक समिति पर्याप्त संख्या में अग्निशमक यंत्र रखना सुनिश्चित करेंगे ।

बैठक में एसडीएम भिलाई जागेश्वर कौशल, एसडीएम दुर्ग मुकेश रावटे, नगर पुलिस अधीक्षक छावनी कौशलेंद्र पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर नसर सिद्धकी, निगम दुर्ग से एसडी शर्मा, डिप्टी कमिश्नर नगर निगम भिलाई रमाकांत साहू, थाना प्रभारी दुर्ग, सुपेला, छावनी, भिलाई नगर, भिलाई भट्टी, जामुल थाना प्रभारी समेत 50 से अधिक समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।

 

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