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बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की विशेष कवायद,ड्राइवर्स को दी जाएंगी ट्रेनिंग

स्कूल बसों के ड्राइवरों का दिया जाएगा दो दिवसीय प्रशिक्षण

दुर्ग. कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिा स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। जहां सड़क दुर्घटना में घायल हुआ मृतकों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कार्य योजना तैयार बनाने को लेकर सार्थक चर्चा हुई। वहीं  सड़क दुर्घटना कम करने के लिए अभियांत्रिकी प्रयास, जन जागरूकता एवं यातायात के नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए कई तरह के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।

ओवर लोड गाड़ियों के खिलाफ चलाएं अभियान
कलेक्टर डॉ  सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए इससे संबंधित कानूनों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया और क्षमता से ज्यादा परिवहन करने वाली गाड़ियों पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए कहा। उन्होंने ड्राइविंग कौशल में सुधार के लिए अभियान के साथ-साथ बेहतर डेटा संग्रह पर और इसके साथ-साथ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, स्थानीय निकायों बगैर संगठनों की सक्रिय सहायता से आवासी क्षेत्रों में नियमित सड़क सुरक्षा जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाने के लिए विशेष जोर दिया।

जानिए कैसे चिन्हित किया जाता है ब्लैक स्पॉट

ब्लैक स्पॉट-सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित परिभाषा के अनुसार सड़क का 500 मीटर का वह भाग जहां पिछले 03 वर्षों में 05 घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई हों अथवा 10 व्यक्तियों की मृत्यु हुई हो, ब्लैक स्पॉट की श्रेणी में आता है। इसके अनुसार नेशनल हाईवे के द्वारा जिले में 5 ब्लैक स्पाट निर्धारित किए गए हैं। जिसमें 3 पाटन,1अंडा और जेवरा सिरसा इलाके में सीता रिफाइनरी से प्रकाश टेडर्स के बीच को चिन्हित किया गया है। जिसके सुधार के लिए संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी को निर्देशित भी किया गया है।

ड्राइवरों को दी जाएंगी ट्रेनिंग

जिले में स्कूली बच्चों के ट्रांसपोर्ट के लिए कुल 600 बसें रजिस्टर्ड है। इन स्कूल बसों के ड्राइवरों को रायपुर के इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रेफिक रिसर्च सेंटर में दो दिवसीय ट्रेनिंग और ओरियंटेशन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि शिक्षा सत्र के प्रारंभ होते ही  ड्राइवर अपने कार्य को  सत प्रतिशत दक्षता से कर सके।

एक्सीडेंट की हो विस्तृत रिपोर्टिंग

इस अवसर पर उपस्थित एसपी अभिषेक पल्लव ने यातायात से संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल पर तुरंत पहुंच कर विस्तृत रिपोर्ट  और सुझाव बिंदु तैयार करने के लिए कहा।उन्होंने अपना मत रखते हुए कहा कि घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई जाए जिससे कि घटना संबंधी कारकों का एक बेहतर निष्कर्ष प्राप्त  किया जा सके।

आरटीओ के माध्यम से किया जाएगा गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट- सड़क पर चलने वाला वाहन फिट है या नहीं इसके लिए आरटीओ के द्वारा अभियान चलाकर गाड़ियों का फिटनेस  टेस्ट जाएगा। इसमें प्राइवेट कमर्शियल दोनों तरह के वाहनों को आरटीओ के माध्यम से टारगेट किया जाएगा और लाइसेंस व पोलूशन के लिए भी समय समय पर शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा आरटीओ द्वारा  आमजन को सड़क नियम को सड़क नियम के बारे में जानकारी देने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

बैठक में एसपी अभिषेक पल्लव,अश्विनी देवांगन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जिला-दुर्ग मुकेश रावटे एसडीएम श्री विपुल कुमार गुप्ता एसडीएम श्री बृजेश क्षत्रिय एसडीएम धमध, हरेश मंडावी आयुक्त नगर निगम दुर्ग, प्रकाश सर्वे नगर निगम भिलाई, किर्तीमान राठौर आयुक्त नगर निगम चरोदा-भिलाई, आशीष देवांगन आयुक्त नगर निगम रिसाली, संजय ध्रुव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग, कविलाश टंडन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात जिला दुर्ग, गुरजीत सिंह उप पुलिस अधीक्षक यातायात जिला दुर्ग, जे पी मेश्राम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग, एस.के. तिलासी भिलाई इस्पात संयंत्र, गोविंद अहिरवार एसडीओ राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग रायपुर, जे.एस.वर्मा उप अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग रायपुर,स्मिता पाणिग्रही नोडल अधिकारी सड़क सुरक्षा लो.नि.वि.उपस्थित थे।

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