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निर्वाचन विभाग छ.ग. का स्थायी जाति प्रमाण पत्र जमा करवाएं, या फिर पार्षदों का निर्वाचन शून्य करें- अली हुसैन सिद्दीकी

भिलाई. दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी आरटीआई विभाग के जिला अध्यक्ष अली हुसैन सिद्दीकी ने कलेक्टर / जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्ग व स्थानीय निर्वाचन अधिकारी को जाति प्रमाण पत्र के संबंध में ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग किया है कि जिन पार्षद प्रत्याशियों ने हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनावों में अस्थायी जाति प्रमाण पत्र जमा करके चुनाव लड़े हैं,उनसे स्थायी जाति प्रमाण पत्र जमा करवाया जाए।

जो लोग स्थायी जाति प्रमाण जमा नहीं करते हैं तो उनका निर्वाचन शून्य करते हुए उन्हें पार्षद पद से बर्खास्त किया जाए। सिद्दीकी का कहना है कि अस्थायी जाति प्रमाण पत्र की मान्यता 6 माह तक होती है। चूंकि भिलाई और रिसाली निगम को चुनाव हुए 6 माह से अधिक बीत चुके हैं। इसलिए उनसे स्थायी जाति प्रमाण पत्र जमा करवाया जाए और जमा नहीं करते हैं तो उनका निर्वाचन शून्य करते हुए उन्हें पार्षद पद से बर्खास्त किया जाए।

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आरक्षित सीट से लड़ने पर जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य

राज्य शासन ने पिछली बार हुए निकाय चुनाव से स्थायी जाति प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले नहीं थी। यही वजह थी कि नगर निगम के पिछले कार्यकाल में दूसरे राज्य के एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के लोग चुनाव लड़ते व जीतते आए थे। अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रकरण में आपके पिता/पूर्वजों का सन 1950 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सन 1984 से पूर्व का मूल निवास प्रमाण पत्र, स्कूल का दाखिल खारिज, मिसल बंदोबस्त अथवा उक्त सन के पूर्व का अभिलेख, जिससे प्रमाणित हो सके कि पूर्वज छत्तीसगढ़ के भौगोलिक सीमा के मूल निवासी थे।

अनुसूचित जाति/जनजाति जिनके पूर्वज छत्तीसगढ़ के भौगोलिक सीमा के मूल निवासी नहीं थे,उन्हें जाति प्रमाण-पत्र एवं आरक्षण की पात्रता उनके पिता/पूर्वजों के मूल राज्य में होगी, छत्तीसगढ़ राज्य में नहीं। अर्थात ऐसे लोग यहां चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। लेकिन फिर भी दूसरे राज्य के कई लोग यहां अस्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़े और जीत कर पार्षद भी बन गए है।

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