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महान सेनानी बिरसा मुण्डा के बलिदान की शौर्य गाथा आज भी करोड़ों लोगों को करती हैं प्रेरित

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं लोकनायक बिरसा मुण्डा के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया है। सुश्री उइके ने कहा है कि, बिरसा मुण्डा ने महाविद्रोह चलाकर तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी। उन्होंने अंग्रेजों से न केवल देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, बल्कि आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ी।

महान समाज सुधारक

वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लोक नायक के साथ-साथ महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने वनवासियों के अधिकारों के लिये भी संघर्ष किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिवासियों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान क्रांतिकारी जननायक बिरसा मुण्डा को उनकी पुण्यतिथि 9 जून के अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

जल जंगल और जमीन पर अधिकारों के लिए किया आंदोलन

मुख्यमंत्री ने श्री मुण्डा को नमन करते हुए कहा कि मुण्डा आदिवासी चेतना के प्रणेताओं में से एक थे। उन्होंने आदिवासियों को एकत्र कर जल, जंगल और जमीन पर अधिकारों के लिए आंदोलन किया। अकाल पीड़ितों की मदद की। उनके शौर्य और बलिदान की गाथा आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करती हैें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बिरसा मुण्डा ने हमें सिखाया कि प्रेरणादायी नेतृत्व होने पर सामूहिक इच्छाशक्ति, हथियारों की शक्ति पर भी भारी पड़ती है। उनका अदम्य साहस हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। श्री बघेल ने कहा कि आदिवासियों को उनका अधिकार दिलाना और स्वाभिमान की रक्षा बिरसा मुंडा जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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