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आधार की फोटो कापी शेयर न करने के सुझाव पर सरकार की सफाई, वरिष्ठ आईएएस ने कहा, यह तो जनता के साथ धोखा है

रायपुर. आधार की सुरक्षा के सरकारी तरीके को लेकर एक वरिष्ठ आईएएस अफसर भड़क गए हैं। उन्हें को आधार की सुरक्षा को लेकर आए सुझाव और उसके बाद सुझाव को वापस लेने के तरीके पर सवाल उठाया है। इसे जनता के साथ धोखा बताया है।

 

दरअसल, आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पिछले 27 मई को एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि अपने आधार की फोटोकॉपी किसी भी संगठन या व्यक्ति के साथ साझा न करें क्योंकि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। वैकल्पिक रूप से कृपया मास्क्ड आधार का उपयोग करें। इसमें आपके आधार संख्या के केवल अंतिम चार अंक प्रदर्शित किए जाते हैं। सरकार के इसी तरीके को लेकर छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके एन. बैजेंद्र कुमार ने नाराजगी जताई है।

सीनियर आईएएस एन. बैजेंद्र कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, यह क्या बकवास हे! हर टॉम डिक और हैरी, सभी निजी कंपनियों, सभी मोबाइल कंपनियों, सभी होटलों में आधार साझा करने के सुझाव और निजता की सुरक्षा पर अदालतों में कई आश्वासनों के बाद अब UIDAI इसके साथ आया है! उन्होंने लिखा, यह जनता के साथ धोखा है।

किरकिरी हुई तो पीआईबी ने पुरानी विज्ञप्ति को लिया वापस

इस प्रेस नोट के साथ आधार की सुरक्षा को लेकर देश भर आलोचना होने लगी तो रविवार को पत्र सूचना कार्यालय की ओर से एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, गलत व्याख्या की संभावना को देखते हुए पुरानी विज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है। धारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आधार नंबरों का उपयोग और साझा करने में सामान्य विवेक का प्रयोग करें।

सरकारी खेल या अफसरशाही का कलाबाजी

इसके बाद एन. बैजेंद्र कुमार ने दोबारा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, आधार के दुरुपयोग की समस्या को हल करने का कितना बढ़िया तरीका है! प्रेस विज्ञप्ति को वापस लेना! यह सरकारी खेल अथवा अफसरशाही कलाबाजी का एक उदाहरण है। उन्होंने क्या UIDAIसे पूछा है कि क्या आम लोगों को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मामलों को संभालने का यही तरीका है? पूर्व अफसर ने इसे घटिया शासन का उदाहरण बताया है।

R K vij ने लिखा सही कह रहे हैं
छत्तीसगढ़ के पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक (SDG) आरके विज ने भी एन. बैजेंद्र कुमार के पोस्ट पर टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा, सही कह रहे हैं।अब इस सर्कुलर का क्या मतलब, जब आधार की कई फोटो प्रतियां निरंतर सर्कुलेशन में हैं? बता दें कि आरके विज 1988 बैच के आईपीएस अफसर रहे हैं। 2021में ही वे फॉरेंसिक और लोक अभियोजन के महानिदेशक पद से रिटायर हुए।

1985 बैच के अफसर है बैजेन्द्र कुमार

एन. बैजेंद्र कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1985 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के अफसर रहे हैं। मूल रूप से केरल निवासी कुमार ने 35 साल तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार के साथ काम किया। छत्तीसगढ़ के अपर मुख्य सचिव के रूप में वे कभी सबसे ताकतवर और परिणाम देने वाले अफसरों में शामिल थे। सितम्बर 2017 में उन्हें राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC)का अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बनाया गया। वहीं से उन्होंने 2020 में सेवानिवृत्ति ली। अब वे हैदराबाद में रहकर कुछ गैर सरकारी संस्थाओं के साथ काम कर रहे हैं। सलाहकार सेवाएं भी दे रहे हैं।

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