Homeनिकायनियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू,भवन अनुज्ञा शाखा में जमा होगा आवेदन

नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू,भवन अनुज्ञा शाखा में जमा होगा आवेदन

  • निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर ने सभागार में ली वास्तुविद की बैठक
  • आवासीय से कर लिया है व्यवसायिक निर्माण तो करा सकते है नियमितीकरण
  • प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गई ट्रेनिंग

भिलाई. अनधिकृत विकास का नियमितीकरण का रास्ता साफ हो गया है। यदि बिना बिल्डिंग परमिशन लिए निर्माण कर लिया है, या बिल्डिंग परमिशन प्राप्त करके स्वरूप में परिवर्तन किया  कर लिया हो या फिर भवन अनुज्ञा के विपरीत निर्माण कर लिया है, ऐसे भवन मालिक नगर पालिक निगम कार्यालय में नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।  निगम के भवन अनुज्ञा शाखा में आवेदन कर सकते हैं।

निगम सभागार में निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर और अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी ने शुक्रवार को भिलाई निगम में पंजीकृत आर्किटेक्ट की बैठक की और उन्हें नियमितीकरण के संबंध में जानकारी दी। वहीं भवन अनुज्ञा अधिकारी हिमांशु देशमुख एवं उप अभियंता भवन अनुज्ञा शाखा सिद्धार्थ साहू ने प्रोजेक्टर के माध्यम से शुल्क की गणना तथा अनधिकृत विकास के नियमितीकरण के बारे में विस्तार से बताया।

बता दें कि महापौर नीरज पाल ने इसका अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसी तारतम्य में आज इसको लेकर प्रशिक्षण दिया गया। अनधिकृत विकास के नियमितीकरण के लिए आवेदक को नक्शा आदि बनाकर आवेदन निगम मुख्य कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन करने के पश्चात जिला नियमितीकरण समिति से अनुमोदन होने उपरांत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के द्वारा डिमांड जारी किया जाएगा और नियमितीकरण की प्रकिया की जाएगी।

वर्ष 2016 के नियमितीकरण के दौरान भिलाई निगम में लगभग 3000 आवेदन प्राप्त हुए थे इस समय 5000 से अधिक आवेदन प्राप्त होने की संभावना है। अनाधिकृत विकास पार्श्व खुला स्थान, तल क्षेत्र अनुपात, भूमि उपयोग में परिवर्तन, पार्किंग एवं पहुंच मार्ग की चौड़ाई को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण किया जाएगा।

समिति की अनुशंसा पर होगा नियमितीकरण

जिला नियमितीकरण समिति में इसके अध्यक्ष कलेक्टर होंगे। सदस्य के रूप में पुलिस अधीक्षक, संबंधित निकाय के आयुक्त या मुख्य नगर पालिका अधिकारी, संबंधित विकास प्राधिकरण के सक्षम अधिकारी होंगे तथा नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय के प्रभारी अधिकारी इसके सदस्य सचिव होंगे।

14 जुलाई से 2023 तक जमा होंगे आवेदन 

राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अधिसूचित दिनांक से 1 वर्ष तक आवेदन स्वीकार होगा, अगर अधिसूचित दिनांक की बात करें तो 14 जुलाई 2022 से यह प्रवृत्त है इस दिनांक से 1 वर्ष तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के प्रारूप एक में चेक लिस्ट के अनुसार समस्त दस्तावेज संलग्न करके आवेदन करना होगा। आवेदन करने के पश्चात संबंधित अधिकारियों के द्वारा स्थल निरीक्षण कर जांच भी की जाएगी।

इन अनाधिकृत विकास का नहीं हो सकेगा नियमितीकरण
इन अनाधिकृत विकास का नहीं हो सकेगा नियमितीकरण अगर अनाधिकृत विकास के नियमितीकरण की बात करें तो यदि शासन की भूमि हो, स्थानीय प्राधिकारी का हो या किसी कानूनी निकाय के स्वामित्व का हो, मार्ग रेखा के भीतर हो या निर्माण परिभाषित भवन रेखा को प्रभावित करता हो, निर्माण क्षेत्र जलाशय के तल या जलाशय के किनारे या किसी प्राकृतिक जल निकास पर स्थित हो, बहु मंजिले भवन की स्थिति में, भवन किसी विरासत स्थल के दृश्य को बाधित करता हो या अग्नि सुरक्षा या संरचना की स्थिरता हेतु निहित मानकों का उल्लंघन करता हो, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा अनुमोदित अभिन्यास में किसी कॉलोनी में पार्क या खेल मैदान का स्थल हो का नियमितीकरण नहीं किया जाएगा।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी
नियमितीकरण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य ऐसे प्रकरण जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान नहीं किया गया है ऐसे प्रकरणों में 6 माह का समय देते हुए 6 माह में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के पश्चात शर्त पर नियमितीकरण की कार्यवाही की जा सकती है तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने की पुष्टि के उपरांत रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जमा राशि वापस कर दी जाएगी। यह 300 वर्ग मीटर से अधिक के आकार के भूखंडों पर लागू होगा।

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