Homeराज्यबीएनसी मिल के सायरन से फिर जागेगा संस्कारधानी के रहवासी

बीएनसी मिल के सायरन से फिर जागेगा संस्कारधानी के रहवासी

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कार्य योजना बनाने के निर्देश

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप सब कुछ हुआ तो बंगाल नागपुर कॉटन मिल (BNC) का सायरन फिर से बज सकता है और बीएनसी मिल संस्कारधानी के रहवासियों के लिए रोजगार की दिशा में बड़ी सौगात साबित हो सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत राजनांदगांव(संस्कारधानी) पहुंचे थे। जहां मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में बीएनएसी मिल के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की और उन्होंने अधिकारियों को मिल में गतिविधि शुरू करने के लिए नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन से चर्चा कर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएनएसी में जूट मिल भी शुरू किया जा सकता है। इस मिल के संसाधनों का बेहतर से बेहतर उपयोग किया जा सकता है। अधिकारी इस दिशा में कार्य योजना बनाएं। ताकि बंद पड़े संसाधन उपयोग किया जा सके। बता दें कि बंगाल नागपुर कॉटन मिल एक समय में राजनांदगांव जिले की अर्थव्यवस्था की रीड़ थी। प्रोडक्शन में घाटा होने का हवाला देकर नवंबर 2002 में बंद करा दिया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद फिर से चालू होने की उम्मीद जगी है।

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सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री

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सबसे पुराना मिल है बीएनएसी

बीएनएसी बहुत पुराना मिल है। राजा बलराम दास ने 1894 में इसकी स्थापना कराई थी। 1898 में मिल से उत्पादन शुरू हुआ था। तब लगभग 4 हजार मजदूर यहां काम करते थे। यहां तैयार होने वाली मच्छरदानी की सीधी सप्लाई सेना में होती थी। यहां तैयार होने वाले धागा और कपड़े की देशभर में डिमांड होने से प्रोडक्शन में तेजी आई थी। प्रोडक्शन में घाटा होने का हवाला देकर नवंबर 2002 में बंद करा दिया गया।

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