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धान खरीदी के मुद्दे को लेकर सदन में हंगामा,मुख्यमंत्री ने कहा धान खरीदी के लिए केन्द्र नहीं देता पैसे

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के तीसरे दिन भाजपा के विधायकों ने धान खरीदी के मामले को लेकर सदन में हंगामा किया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने सदन से वाक आउट कर दिया। विपक्षी विधायकों का कहना है कि धान खरीदी के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राशि दी जाती है, लेकिन जवाब में मंत्री अमर जीत भगत और बाद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा धान खरीदी के लिए केन्द्र पैसे नहीं देता। इसके बाद हंगामा चालू हो गया।

केन्द्र सरकार द्वारा नहीं दी जाती अग्रिम राशि- मंत्री

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रश्नकाल में सवाल उठाया कि, धान खरीदी के एवज में किसानों को कितना भुगतान किया गया और उसमें केन्द्र तथा राज्य की कितनी-कितनी राशि है? जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि धान खरीदी के लिए किसानों को 51 हजार 563 करोड़ 47 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। वहीं राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत 11 हजार 148 करोड़ 45 लाख रुपए का भुगतान किया है। केन्द्र सरकार द्वारा अग्रिम राशि नहीं दी जाती है।

मार्केफेड कर्ज लेकर खरीदता हैं धान-सीएम

भाजपा विधायकों हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि केंद्र सरकार धान खरीदी का कोई पैसा नहीं देती। मार्कफेड कर्ज लेकर धान खरीदता है। मीलिंग के बाद जब सेंट्रल पूल में चावल जमा किया जाता तब केन्द्र सरकार पैसे देती है। सीएम ने कहा कि प्रोत्साहन राशि के लिए आपकी सरकार ने भी केन्द्र के सामने आपत्ति दर्ज कराई थी और अनुमति मिलने के बाद इसे चालू किया गया था। कौशिक ने कहा कि धान खरीदी के लिए 75 फीसदी राशि केन्द्र दे रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा केन्द्र सरकार धान खरीदी के लिए एक पैसा नहीं देती इसके बाद हंगामा चालू हो गया।

केन्द्र सरकार की इसी अनुमति के आधार पर हमने पहले साल धान का प्रति क्विवंटल 25 सौ रुपया दिया, लेकिन बाद में केन्द्र सरकार ने फरमान जारी कर दिया कि आप किसानों को प्रोत्साहन राशि दे रहे हैं इसलिए सेंट्रल पूल में चावल नहीं लेंगे। विपक्ष ने धान खरीदी में 2500 रुपए से कम देने का आरोप लगाया। इस मामले में पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच जमकर टोका-टाकी हुई। इसके बाद भाजपा विधायकों ने हंगामा करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।

कर्मचारियों के आंदोलन पर सदन में हंगामा
प्रदेशभर के सहायक शिक्षकों के साथ कर्मचारी संगठनों के आंदोलन को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा मचाया। विपक्षी विधायकों ने सरकार पर वादा खिलाफी के आरोप लगाते हुए अपना स्थगन दिया। लेकिन आसंदी ने इसे अग्राह्य कर दिया जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा मचाया।

पांच मिनट के लिए सदन स्थगित

हंगामा बढ़ता देख सभापति सत्यनारायण शर्मा ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा प्रदेशभर के कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज भी सहायक शिक्षकों का बड़ा आंदोलन है।बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में हर जगह हड़तालियों के पंडाल है। जनता कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, सरकार ने अपने घोषणा पत्र में जो वादे लिए किए थे उसे पूरा करना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, प्रदेश के 1लाख 9 हजार से अधिक सहायक शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें राजधानी आने से भी रोका जा रहा। कौशिक ने आरोप लगाए कि सरकार का ध्यान शिक्षा पर नहीं बल्कि शराब पर है। सभापति सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि ने इसे अग्राह्य कर दिया जिसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच सदन की कार्यवाही पांच मिनट तक के लिए स्थगित हो गई।

वन मंत्री ने किया रेंजर को निलंबित
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने सदन में बिलासपुर वन मंडल के एक रेंजर को निलंबित करने की घोषणा की है। धरमलाल कौशिक ने ध्यानाकर्षण में बिलासपुर वन मंडल में अनियमितता की ओर से सरकार का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, सितंबर 2021 में हुई शिकायत की जांच रिपोर्ट में सरकार के साथ धाेखाधड़ी की बात सामने आई थी।

फर्जी प्रमाणक तैयार कर भुगतान कर दिया गया है। 15 व्यक्तियों के खाते में फर्जी तरीके से 8 लाख 59 हजार 407 रुपए जमा कर निकाल लिए गए हैं। यह सीधे-सीधे गबन है। जवाब में वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा, जांच प्रतिवेदन में प्रारंभिक तौर पर अनियमितता की बात सामने आई है। इसके आधार पर उन्होंने बेलगहना के तत्कालीन रेंजर को निलंबित करने की घोषणा की।

ध्यानाकर्षण का जवाब नहीं आने पर बृजमोहन की आपत्ति
ध्यानाकर्षण के दौरान विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने नाराजगी जताई। अग्रवाल ने कहा कि रायपुर में सरकारी जमीनों पर हो रहे कब्जे पर चर्चा के लिए मेरे द्वारा लिखकर दिया जा चुका था। राजस्व मंत्री की ओर से लिखित जवाब आया उसमें कोरबा का तो उल्लेख है लेकिन रायपुर का विवरण गायब है। अपने 33 साल की विधायकी में मैंने ऐसा पहली बार देखा है।

22 जुलाई को विधानसभा की कार्यवाही को लेकर जो कार्य सूची जारी हुई उसमें स्पष्ट उल्लेखित था कि धर्मजीत सिंह, सौरभ सिंह एवं बृजमोहन अग्रवाल प्रदेश में भू माफियाओं व्दारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की ओर राजस्व मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।

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‘भाभी जी घर पर हैं’ के मलखान सिंह नहीं रहे

सदन में जब इस ध्यानाकर्षण की बारी आई तो बृजमोहन अग्रवाल ने पाया कि राजधानी रायपुर के जिन अवैध कब्जों एवं निर्माणों की तरफ उन्होंने लिखित में ध्यान आकृष्ट किया था उनसे संबंधित कोई लिखित में जवाब राजस्व मंत्री की ओर से नहीं आया।

राजस्व मंत्री की ओर से लिखित में जो जवाब आया उसमें रायपुर छोड़कर कोरबा में हुए कब्जों एवं उस पर हो रही कार्रवाई का उल्लेख था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने सदन को गुमराह करने की कोशिश की है। यहां पर कार्यपालिका ने विधानसभा का अपमान किया है। सभापति सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि ध्यानाकर्षण सूचना अभी नहीं पढ़ी गई है।

विधायकों के वेतन- भत्ते बढ़ जाएंगे
विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन अधिनियम संशोधन विधेयक पेश किया। विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर के साथ ही सभी विधायकों के वेतन- भत्ते बढ़ जाएंगे। विधायकों को हर माह वेतन- भत्ते के रूप में 1.60 लाख रुपए मिलेगा। जबकि पहले उनको 95 हजार रुपए मिलता था।विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र भत्ते में 25 हजार रुपए और चिकित्सा और टेलीफोन भत्ते में 5- 5 हजार रुपए की वृद्धि की गई है। इससे राज्य पर सालाना 4 करोड़ 68 लाख रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

मुख्यमंत्री का वेतन 15 हजार, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 40 हजार रुपए प्रतिमाह और दैनिक भत्ता 500 रुपए बढ़ाने का प्रावधान है। जबकि नेता प्रतिपक्ष का वेतन यथावत रहेगा लेकिन दैनिक भत्ता 500 रुपए कम हो जाएगा। हालांकि, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 30 हजार रुपए प्रतिमाह बढ़ाए जाने का प्रावधान है।

जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा ने कहा कि जिन सड़कों को कभी स्वीकृति दी गई थी, उनके लिए बजट का आवंटन नहीं किया गया है। जनता कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की सभी योजनाओं सिर्फ दुर्ग जिले के लिए बनाई गई है। ऐसा है तो सरकार मुंगेली में स्वीकृत सभी काम वापस ले ले। हंगामे के बीच विपक्ष ने वॉकआउट किया।ताम्रध्वज साहू की जगह पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने सवालों के जवाब दिए लेकिन विधायक संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए

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