Homeधर्म-समाजकार्यशाला: विधिक सेवा प्राधिकरण ने सेक्स वर्कर्स को बताए उनके अधिकार

कार्यशाला: विधिक सेवा प्राधिकरण ने सेक्स वर्कर्स को बताए उनके अधिकार

दुर्ग. जिला न्यायालय के सभागार में शुक्रवार को कार्यशाला हुई, जहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल के निर्देशन में शासकीय अभिभाषक पूजा मोगरी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कमलेश पटेल, तथा स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर गणेश निर्मलकर ने सेक्स वर्कर्स को संविधान तथा विधि में  प्रदत्त विभिन्न अधिकारों के बारे में बताया।

शासकीय अभिभाषक पूजा मोगरी ने सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सेक्स वर्कर्स के संबंध दिये गये दिशानिर्देशों के बारे में बताया और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया कि हमारे देश में लगभग 8 लाख सेक्स वर्कर्स हैं जो कि समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग है। कोविड के समय में सेक्स वर्कर्स को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हर महिला में कुछ न कुछ गुण होते हैं जिन्हें पहचान कर भी वे अपना जीवनयापन कर सकती है ।अपने बच्चों को एक बेहतर भविष्य प्रदान कर सकती है।

समाज कल्याण विभाग की ओर से आए रिसोर्स पर्सन कमलेश पटेल ने सेक्स वर्कर्स के लिये समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रारंभिक तौर पर आधार कार्ड, राशन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया। सर्वे सूची में नामित प्रत्येक व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं जैसे 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग को मिलने वाली वृद्धा पेेंशन योजना, दिव्यांग व्यक्तियों के लिये टाईसिकल प्रदाय योजना, राज्य शासन द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के विषय में विस्तार से बताया। सेक्स वर्कर्स को समाज से जोड़ने का प्रयास करते हुए अंत्योदय का प्रयास किया गया। कार्यशाला के दौरान सेक्स वर्कर्स की परेशानियों का निराकरण करते हुए समाज कल्याण विभाग के श्री पटेल द्वारा सेक्स वर्कर्स के बच्चों के लिये चलाए जा रहे शिक्षा के अधिकार के तहत विद्यालयो में प्रवेश के बारे में भी बताया जिससे उनके बच्चे शिक्षा से वंचित न रह पाए तथा पढ़ लिखकर समाज में एक पहचान बना पाए।

स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर गणेश निर्मलकर ने सेक्स वर्कर्स से उनकी स्वास्थ्यगत परेशानियों के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जिला चिकित्सालय में स्थापित विशेष कक्ष में बिना किसी झिझक के अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाने की सलाह दी। सेक्स वर्कर्स को असुरक्षित संभोग न करने की सलाह देते हुए सुरक्षा उपायों का सुनियोजित तरीके से प्रयोग करने की सलाह दी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आशीष डहरिया ने सेक्स वर्कर्स को संविधान द्वारा प्रदत्त विधिक अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइडलाईन के बारे में बताते हुए सेक्स वर्कर्स को प्रदत्त सम्मान के साथ जीवन यापन के मौलिक अधिकार के बारे में बताया ताकि सेक्स वर्कर्स भी समाज में अपना सिर उठाकर तथा अन्य लोगों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। साथ ही सेक्स वर्कर्स को यदि किसी भी प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दी जाने वाली विधिक सहायता तथा नालसा एवं सालसा की योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

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